केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों को राहत मुहैया कराने के लिए साढ़े पांच रुपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी देने को मंजूरी प्रदान कर दी। इसका मकसद नकदी की समस्या से जूझ रही मिलों को गन्ना बकाए के भुगतान में मदद करना है। चीनी मिलों पर किसानों के भारी बकाया के चलते यह निर्णय मंत्रियों के समूह की सिफारिश पर लिया गया है। मिलों पर बकाया राशि बढ़कर करीब 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। याद रहे कि सरकार ने यह फैसला ऐसे समय किया है जबकर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने हैं और वह प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में से एक है।
हरित क्रांति कृषोन्नति योजना
कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र से जुड़ी 11 योजनाओं को हरित क्रांति कृषोन्नति योजना में समाहित कर इसकी अवधि 2019-20 तक बढ़ा दी है। प्रसाद ने बताया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इस आशय का फैसला लिया गया है। इस योजना के लिए 33,273 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं।
पीएम वय वंदन योजना में निवेश सीमा बढ़ी
केंद्रीय कैबिनेट ने वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन देने वाली प्रधानमंत्री वय वंदन योजना (पीएमवीवीवाई) में निवेश की सीमा को साढ़े सात लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने को मंजूरी दे दी। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन देना संभव होगा। इसमें सब्सक्रिप्शन की समय सीमा 4 मई, 2018 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2020 कर दी गई है।