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यूपी में साधे समीकरण: गैर यादव पिछड़ा व गैर जाटव दलित पर दांव

Thu, 08 Jul 2021 07:55 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • दलित में कोरी-पासी पर दांव व कुर्मी बिरादरी के दो नए चेहरे 
  • भाजपा ने इसी फार्मूले पर लोकसभा के दो और विधानसभा के एक चुनाव में जबर्दस्त जीत हासिल की है
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Bhanu Pratap Verma with Prime Minister Narendra Modi - फोटो : PIB
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विस्तार
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मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के जरिये उत्तरप्रदेश में भाजपा ने अपने पुराने गैर यादव पिछड़ा, गैर जाटव दलित और अगड़ा फार्मूले पर ही आगे बढ़ने का साफ संदेश दिया है। मंत्रिमंडल विस्तार में इस सूबे से सात नए चेहरे शामिल किए गए हैं। इनमें दो गैर जाटव दलित, दो कुर्मी, एक गड़ेरिया, एक लोध और एक ब्राह्मण चेहरा शामिल है। गौरतलब है कि भाजपा ने इसी फार्मूले पर लोकसभा के दो और विधानसभा के एक चुनाव में जबर्दस्त जीत हासिल की है। 

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भाजपा ने दलितों में जाटवों के बाद सबसे अधिक जनसंख्या वाली पासी बिरादरी और कोरी पर दाव लगाया है। पासी बिरादरी से कौशल किशोर तो कोरी बिरादरी से भानुप्रताप वर्मा को मंत्री पद दिया गया है। राज्य में बेहद प्रभावशाली कुर्मी बिरादरी को साधने के लिए अपना दल कोटे से अनुप्रिया पटेल और पंकज चौधरी को टीम मोदी में शामिल किया गया है। लोध बिरादरी से बीएल वर्मा को मंत्री बनाकर पहली बार इस बिरादरी को केंद्र में प्रतिनिधित्व दिया गया है।

जबकि गड़ेरिया बिरादरी को साधने के लिए एसपी बघेल पर दांव लगाया गया है। ब्राह्मण चेहरे के रूप में अजय मिश्रा को टीम मोदी में जगह दी गई है। गौरतलब है कि पाल या गड़ेरिया बिरादरी की इटावा, फिरोजाबाद, मथुरा, आगरा और फर्रुखाबाद में प्रभावशाली उपस्थिति है। जबकि अनुप्रिया पटेल का पूर्वांचल के कुर्मी मतदाताओं पर अच्छा प्रभाव है। इसी तरह पासी व कोरी बिरादरी पहली बार बसपा का दामन छोड़ कर भाजपा के साथ आई है। भाजपा इस वोट बैंक को किसी भी सूरत में गंवाना नहीं चाहती।

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