रविवार सुबह होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में पीएम मोदी ने 9 नए चेहरों को मंत्री बनाकर सरकार में शामिल करने का निर्णय लिया है। नए चेहरों के चयन में पीएम मोदी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने के साथ प्रशासनिक अनुभव को तरजीह दी है। पहली दफे मंत्री बनने जा रहे 9 चेहरों में 4 चेहरे प्रशासनिक कार्यों से जुडे रहे हैं। तो शेष 5 चेहरों को क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए मंत्री बनाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पहली दफे मंत्री बनाए जा रहे सत्यपाल सिंह, आरके सिंह और विरेंद्र कुमार को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। चेहरा चुनते समय पीएम मोदी ने 4पी को आधार बनाया गया है। यानि की विकास के लिए व्यक्ति का पैशन, उसकी क्षमता, राजनीतिक सुझबुझ और उसके प्रोफेशनल अंदाज को पैमाना बनाया गया है।
अक्षमता के आरोपों को दूर करने की कवायद
पीएम मोदी ने सरकार पर लग रहे अक्षमता के आरोपों को दूर करने की कवायद में नए चेहरों में प्रशासनिक अनुभव वाले चेहरों को तरजीह दी है। सत्यपाल सिंह पुलिस अधिकारी रहे हैं। विदेश सेवा अघिकारी के रूप में हरदीप पूरी को विदेश विभाग का गहरा अनुभव है। पूरी को विदेश विभाग से जोड़ा जा सकता है। तो आरके सिंह को प्रशासन का गहरा अनुभव है। वे भारत सरकार के गृह सचिव के पद पर भी रह चूके हैं। अलफोंस भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं।
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मोदी सरकार के पहले ईसाई मंत्री बनेंगे अलफोंस
केरल से सरकार में शामिल होने वाले अलफोंस मोदी सरकार में पहले और एकमात्र ईसाई मंत्री हैं। इनको सरकार में शामिल कर भाजपा ने केरल की दिशा तय कर दी है। यहां संघ का अभियान बेशक ईसाई मिशनरी के खिलाफ रहता है। लेकिन केरल के वर्तमान हालातों को देखते हुए अब ईसाई समुदाय भाजपा की ओर अग्रसर हो रहा है। इसलिए पीएम मोदी ने अलफोंस को सरकार में शामिल करने का निर्णय कर वाम बिग्रेड के खिलाफ भ्रगवा परिवार की जारी जंग को देश के सामने रखने का मौका प्रदान किया है।