केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को 'मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल' को मंजूरी दे दी। इसक बिल के तहत यदि पति, पत्नी को एक बार में तीन तलाक देता है तो उसे तीन साल की जेल हो सकती है। पति को जमानत भी नहीं मिल सकेगी। इसके अलावा पत्नी और बच्चों के लिए हर्जाना भी देना पड़ेगा।
Union Cabinet clears #TripleTalaq Bill. pic.twitter.com/DotVocyHBk
— ANI (@ANI) December 15, 2017
बता दें कि तीन तलाक पर केंद्र सरकार कड़ा रुख अपना रही है। सरकार यह कदम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद तीन तलाक देने के मामलों को देखते हुए उठा रही है।
एक बार में तीन तलाक पर ही लागू होगा कानून
संसद से बिल के पारित होने के बाद यह कानून सिर्फ एक बार में तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) पर ही लागू होगा। यह कानून पीड़िता को खुद और अपने नाबालिग बच्चों के लिए भरण-पोषण और गुजारा भत्ता के लिए मजिस्ट्रेट के पास जाने की शक्ति देगा। पीड़िता नाबालिग बच्चों की कस्टडी भी मांग सकेगी। इस मामले पर मजिस्ट्रेट अंतिम फैसला लेंगे।