पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए भारत और अफगानिस्तान ने बुधवार को आतंकवाद के प्रायोजन, समर्थन और सभी पनाहगाहों को खत्म करने की मांग की। साथ ही सुरक्षा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने क्षेत्र में राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आतंकवाद के लगातार इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मसलों पर विस्तार से चर्चा हुई।
एकीकृत, संप्रभु, लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण, स्थित और समृद्ध अफगानिस्तान के समर्थन के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और लोकतांत्रिक संगठनों के क्षमता विस्तार संबंधी अफगानिस्तान की जरूरतों के भारत एक अरब डॉलर की राशि आवंटित करेगा।