आधुनिक सुविधाओं से लैस रेलवे का दीन दयालु कोच मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ चलने को तैयार है। अनारक्षित श्रेणी के इस कोच में पहली बार मुसाफिरों को पीने के लिए एक्वागार्ड का पानी मिलेगा। वहीं, इसमें बॉयो टॉयलेट और कूड़ादान भी लगा है।
खास बात यह कि इसमें दिव्यांगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन द्वार से लेकर सीट तक में ब्रेल लिपि का इस्तेमाल किया गया है।मंगलवार को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इसके पहले कोच का निरीक्षण किया। रेल प्रशासन का दावा है कि साल के आखिर तक करीब 800 कोच ट्रेनों में लगा दिए जाएंगे।
सुरेश प्रभु ने बताया कि बजट में ऐलान किया गया पहला कोच ट्रैक पर आ गया है। रेल प्रशासन जल्द ही तेजस और हमसफर ट्रेन भी मुसाफिरों के हवाले कर देगा। दूसरी तरफ उदय और अंत्योदय ट्रेन लाने की तैयारी भी चल रही है, जिसे जल्द लाया जाएगा। इसके अलावा रात में चलकर सुबह मंजिल तक पहुंचने वाली उदय (डबल डेकर) श्रेणी की ट्रेन भी जल्द ही ट्रैक पर होगी।
रेलमंत्री ने बताया कि दीन दयालु श्रेणी के 800 कोच इस साल के आखिर तक ट्रैक पर होंगे। इसके लिए इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी के कोच की संख्या मांग के अनुसार बढ़ती रहेगी। जिस रूट की ट्रेन में इसकी जरूरत होगी, उसमें दो-चार कोच लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रेल प्रशासन की कोशिश मुसाफिरों को सुखद और सफल यात्रा कराने की है।