कोलकाता मेट्रो के कोच का निर्माण अभी चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्टरी में किया जाता है लेकिन एमसीएफ द्वारा उत्पादित किए जाने वाले डिब्बे डिजाइन और तकनीक के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के होंगे।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अभी जिन मेट्रो डिब्बों का हम आयात करते हैं उनकी अनुमानित लागत आठ से नौ करोड़ रुपये प्रति कोच होती है, जबकि देश में ही बनने वाले कोच की लागत सात से आठ करोड़ रुपये होती है। यदि सही मात्रा में हमें इन कोच का ऑर्डर मिलने लगे तो इनकी लागत चार से छह करोड़ रुपये आ जाएगी।
रोबोट से कराया जाएगा निर्माण
आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, बंगलूरू, मुंबई, लखनऊ, चेन्नई, नागपुर, पुणे, कोच्चि, अहमदाबाद, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता और गुरुग्राम समेत कई अन्य शहरों में मेट्रो का परिचालन एवं निर्माण चल रहा है। ऐसे में बड़ी मात्रा में मेट्रो कोच की जरूरत होगी।
सूत्रों ने बताया कि एमसीएफ में मेट्रो कोच का निर्माण अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों की तरह रोबोट से कराया जाएगा। ये चीन एवं अन्य देशों से आयात किए जाने वाले कोच के मुकाबले 40 प्रतिशत तक सस्ते होंगे। साथ ही कोच में वाईफाई, सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल चार्जर प्वाइंट समेत अन्य सुविधाएं भी होंगी।