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आरएसएस की तर्ज पर मुस्लिम समुदाय के लिए एमआरएसएस का गठन

Tue, 18 Oct 2016 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बरेली
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- फोटो : getty
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एक बम भी फटता है तो पूरे विश्व के मुसलमानों को आतंकवाद की दृष्टि से देखा जाता है। इस नजरिए को बदलने और मुस्लिमों में राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी के लिए जागरूक करने के घोषित मकसद के साथ सोमवार को बरेली में मुस्लिम राष्ट्रवादी सेवक संघ (एमआरएसएस) के गठन की घोषणा की गई। बताया गया कि यह संगठन देश की एकता और अखंडता के लिए भी कार्य करेगा।
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संगठन की घोषणा सोमवार को यहां कलेक्ट्रेट के निकट स्थित एक होटल में इसके संस्थापक अनवार एवज, संघ प्रमुख डा. मोहम्मद खालिद (पूर्व डिप्टी मेयर), प्रचार मंत्री नाजिम बेग व इकबाल रजा खां ने की। प्रेस वार्ता में संघ प्रमुख डा. खालिद ने कहा कि आज स्थिति यह है कि हमें खुद को राष्ट्रभक्त साबित करना पड़ रहा है। जब कि हम राष्ट्र भक्त हैं और राष्ट्र हित में सदैव तत्पर रहते हैं। इसके विपरीत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कभी राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया, फिर भी वह राष्ट्रभक्त हैं। हम देश के लिए जान देने को तैयार हों तो भी हमारी राष्ट्रभक्ति पर शक किया जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मुस्लिम रेजीमेंट बनाए तो हम तो देश के हर घर से एक जवान देने को तैयार हैं।

इससे पूर्व संस्थापक चौधरी अनवार एवज ने कहा कि देश के लिए मुसलमानों की कुरबानियों के इतिहास को ताजा करने के साथ ही धर्म के व्यवसायीकरण को रोकेगा और इसके लिए लोगों को जागरूक भी करेगा। वहीं वर्तमान व्यवस्था में भी योगदान के बारे में भी बताएगा। संघ से जुड़े नबीरे आला हजरत इकबाल रजा खां ने कहा कि आरएसएस आजादी से पहले का संगठन है, जो भाजपा का पोषक बना हुआ है। उसके माध्यम से देश में अफरातफरी और उन्माद का माहौल पैदा कराना चाहता है। हम देश में अमन और भाई चारे के लिए काम करना चाहते हैं। देश की तरक्की में भागीदार बनना चाहते हैं। इस दौरान कासिम कशमीरी, मुसीब उल्ला खां, वसीम उद्दीन (बिल्लू), नफीस अंसारी, शाहबाज खान, दिलशाद हुसैन भी मौजूद रहे।
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