पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी के काफिले पर गुरुवार को पूर्बा बर्धमान जिले में एक भीड़ ने हमला कर दिया। हालांकि इस हमले में मंत्री सुरक्षित हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बर्धमान जिले की मोंतेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि उनकी हत्या की कोशिश की गई थी। उन्होंने बताया कि उनके वाहन पर पत्थर फेंके गए और शीशा तोड़ा गया, जिससे उनके हाथ में चोट भी आई। उन्होंने आरोप लगाया, स्थानीय पंचायत प्रधान रफीकुल इस्लाम शेख ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर यह हमला करवाया। स्थानीय थाने के प्रभारी ने हमलावरों को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। केवल मेरे साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मुझे बचाया।
मंत्री ने प्रशासन से हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पंचायत प्रधान रफीकुल इस्लाम शेख ने हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा, यह स्थानीय लोगों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन था, जिसमें वे मंत्री को काले झंडे दिखा रहे थे। मंत्री भ्रष्ट हैं और उन्होंने मोंतेश्वर के लोगों के लिए कुछ नहीं किया है। हम उन्हें अपनी समस्याएं बताना चाहते थे, लेकिन उनका काफिला तेजी से निकलने लगा, जिससे गाड़ी को कुछ नुकसान हो गया होगा। लेकिन वह जानलेवा हमले का झूठा नाटक कर रहे हैं।
पुलिस ने काले झंडे के प्रदर्शन और पथराव की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मौके पर भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया और एक पायलट कार की मदद से मंत्री को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और इलाके में छापेमारी जारी है।