बीजेपी के साथ शिवसेना के मतभेद जगजाहिर हैं।
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महाराष्ट्र की राजनीति नई करवट लेती दिख रही है। राज्य में बीजेपी सरकार की अहम सहयोगी शिवसेना के प्रेसिडेंट उद्धव ठाकरे ने नई चाल चली है। बाल ठाकरे के वारिस उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को मातोश्री में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के साथ लंच पर बातचीत की। चचेरे भाई के साथ शिवसेना प्रमुख की बैठक घंटे भर चली। माना जा रहा है कि आने वाले बीएमसी चुनावों में इस मुलाकात का रंग और उभर कर सामने आएगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बढ़ते मतभेदों और बीजेपी सरकार से समर्थन वापस लेने की सेना विधायकों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। माना जा रहा है कि बीएमसी चुनावों में राज ठाकरे को साथ लेकर शिवसेना बीजेपी के पंखों को कतरना चाहती है। बीजेपी के बिना देश के सबसे धनी म्यूनिशियल कॉरपोरेशन के चुनाव को जीतना शिवसेना को आगे बढ़ने का मौका देगा। बीएमसी का सालाना बजट 36,000 हजार करोड़ का है।
हालांकि शिवसेना के एक धड़े का यह भी मानना है कि उद्धव ठाकरे के साथ राज ठाकरे की मुलाकात ठाकरे परिवार में चल रहे पारिवारिक संकट को लेकर भी हो सकती है। गौरतलब है कि बाल ठाकरे के बड़े बेटे जयदेव ठाकरे अपने हिस्से के लिए मुकदमा लड़ रहे हैं। जयदेव, उद्धव से बड़े हैं।