फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: 'मेरा इरादा सही था, लेकिन तरीका गलत',  कैंटीन में मारपीट पर विधायक संजय गायकवाड़ ने दी सफाई

Thu, 10 Jul 2025 12:39 PM IST
राहुल कुमार आईएएनएस, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना के विधायक संजय गायकवाड़ ने  कहा कि ‘एमएलए’ हॉस्टल के कैंटीन में ‘‘बासी भोजन’’ परोसे जाने को लेकर एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने का उनका कृत्य भले ही कठोर रहा हो, लेकिन उनका इरादा सही था। 
विज्ञापन
कैंटीन कर्मचारी को पीटते संजय गायकवाड़ - फोटो : एक्स/वीडियो ग्रैब इमेज
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने मुंबई के एक कैंटीन में खराब खाना मिलने पर कर्मचारी को ही थप्पड़ मार दिया था, जिस पर अब उन्होंने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा सही था, लेकिन तरीका गलत था।  उन्होंने बताया कि पिछले कई साल से होटल में गंदगी और खराब खाने की शिकायतें थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे होटल मालिकों का हौसला बढ़ गया था।

विज्ञापन


गायकवाड़ ने कहा, पिछले चार-पांच वर्षों में 200 से 400 शिकायतें आयीं, लेकिन एफडीए ने कार्रवाई नहीं की। एफडीए मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मुझे बताया था कि अधिकारियों से कार्रवाई करने के लिए कहने के बाद भी, उन्हें दो-तीन महीने तक कोई रिपोर्ट नहीं मिली। ऐसे में सवाल उठता है कि इसमें कौन-कौन शामिल हैं और क्या सांठगांठ है? 
 
उन्होंने दावा किया, जिस व्यक्ति को मैंने परसों थप्पड़ मारा था, वह प्रबंधक था, जिसे अब निलंबित कर दिया गया है क्योंकि यह उसकी गलती थी। वह घटिया भोजन परोसकर लाखों लोगों की जान से खेल रहा था। कैंटीन में रोज़ाना 5,000 से 10,000 लोग खाना खाते हैं। अपने स्वास्थ्य का जिक्र करते हुए गायकवाड़ ने कहा कि वह पिछले दो दशकों से पेट की बीमारियों से परेशान रहे हैं। अगर मैं बासी खाना खाता हूं, तो मुझे 15 दिनों तक तकलीफ होती है। इसलिए मैं बाहर के रेस्त्रां में खाना नहीं खाता हूं। 
विज्ञापन


शिवसेना विधायक ने कहा, मुझे जो परोसा गया, वह लगभग संदूषित भोजन था। इससे मुझे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती थीं। मुझे नहीं लगता कि मेरी प्रतिक्रिया ग़लत थी। मुझे पता है कि मेरा कृत्य कठोर था, लेकिन चूंकि मैंने वैसी प्रतिक्रिया दी, इसलिए आखिरकार कैंटीन संचालक के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई। इससे वहां खाना खाने वाले लाखों लोगों की जान बचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने सरकार से मांग की कि होटल में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बीमा, पहचान पत्र और हर तीन महीने में मेडिकल जांच अनिवार्य हो। साथ ही, होटलों में साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं। उन्होंने कहा, “कोई इस मुद्दे पर आगे नहीं आ रहा था। मैंने बिल्ली के गले में घंटी बांधने का काम किया।” दरअसल, शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे मुंबई में एक कैंटीन कर्मचारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दिए।
विज्ञापन


 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें