Mizoram: मिजोरम में अनिवार्य सुरक्षित क्षेत्र परमिट के बिना प्रवेश करने के मामले में पुलिस ने दो विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया, जिनमें से एक को वापस भेज दिया गया है। नों व्यक्तियों के पास वैध वीजा और पासपोर्ट थे, लेकिन उनके पास पीएपी नहीं था। पढ़िए रिपोर्ट-
रूस और स्लोवाकिया (आधिकारिक तौर पर स्लोवाक गणराज्य) के दो लोगों को मिजोरम में अनिवार्य सुरक्षित क्षेत्र परमिट (पीएपी) के बिना प्रवेश करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
विज्ञापन
मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) एच. रामथ्लेंगलियाना ने बताया कि शुक्रवार को स्लोवाकिया के नागरिक को उसके देश भेज दिया गया और फ्लाइट उपलब्ध होते ही
रूसी नागरिक को भी उसके देश वापस भेज दिया जाएगा। स्लोवाकिया के नागरिक (58) को असम राइफल्स ने 24 मार्च को दक्षिण मिजोरम के सियाहा जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास एक स्थान से हिरासत में लिया था। इसके अगले दिन त्रिपुरा सीमा के पास मामित जिले में मिजोरम में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे रूसी नागरिक (41) को बीएसएफ ने पकड़ा था।
विज्ञापन
'रामथ्लेंगलियाना ने बताया कि दोनों व्यक्तियों के पास वैध वीजा और पासपोर्ट थे, लेकिन उनके पास पीएपी नहीं था। पीएपी विदेशी नागरिकों के मिजोरम में प्रवेश के लिए एक अनिवार्य यात्रा परमिट है। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद सुरक्षाबलों ने दोनों विदेशी नागरिकों को राज्य पुलिस के हवाले कर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, स्लोवाकिया का नागरिक थाईलैंड से कोलकाता और फिर मिजोरम आया था तथा अपने दोस्तों के निमंत्रण पर म्यांमार के चिन राज्य में आयोजित होने वाले एक जल उत्सव में शामिल होने की योजना बना रहा था। रूसी नागरिक अगरतला से साइकिल के जरिये मिजोरम में दाखिल हुआ और शुक्रवार को उसे आइजोल लाया गया।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि रूसी नागरिक ने पुलिस के सामने यह स्वीकार किया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि मिजोरम में प्रवेश करने के लिए पीएपी की आवश्यकता होती है।