एक दशक बाद सत्ता में वापसी करने वाले मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार जोरमथांगा ने कहा है कि उनकी पार्टी किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। जोरमथांगा ने कहा कि शराबबंदी, सड़कों की मरम्मत और सामाजिक आर्थिक विकास कार्यक्रम को लागू करना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी।
जोरमथांगा ने आइजल पूर्व से ढाई हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की है। इससे पहले वर्ष 2008 और 2013 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 1998 से 2008 तक मुख्यमंत्री रहे जोरमथांगा ने कहा कि हम भाजपा या किसी दूसरी पार्टी के साथ गठजोड़ नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि हम नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (नेडा) के अलावा एनडीए में भी शामिल हैं। लेकिन राज्य में हम अपने बूते ही सरकार का गठन करेंगे। ध्यान रहे कि भाजपा को पहली बार यहां एक सीट मिली है। इस बार एमएनएफ ने जीत का अपना पिछड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। वर्ष 1998 और 2003 में उसे सबसे ज्यादा 21 सीटें मिली थीं।