मिजोरम में मंगलवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। कहीं से भी किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। इसके साथ ही राज्य के 174 उम्मीदवारों का भाग्य ईबीएम मशीनों में बंद हो गया है। नतीजे तीन दिसंबर को आएंगे। 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए 1276 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जहां पर 8.57 लाख मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया। इस बार कई जगह त्रिकोणीय तो कई जगह चतुष्कोणीय मुकाबला देखने को मिला। जबकि ऑइजोल में कई जगह एमएनएफ और जेडपीएम में सीधी टक्कर देखने को मिली।
मंगलवार को मिजोरम में पूरे राज्य में 78 प्रतिशत मतदान हुआ। अभी यह मतदान प्रतिशत और बढ़ने की उम्मीद है। सुबह सात बजे से पहले ही लोग मतदान केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। राज्य की राजधानी ऑइजोल सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शाम तीन बजे तक करीब 70 फीसदी मतदान हो चुका था। एक मतदान केंद्र पर शुरुआत में मशीन खराबी की शिकायत मिली है। एमएनएफ, कांग्रेस और जेडपीएम ने अपनी-अपनी जीत का दावा करते हुए, राज्य में सरकार बनाने की बात कही है। दूसरी ओर, भाजपा ने कहा है कि राज्य में भाजपा के सहयोग के बिना इस बार राज्य में सरकार बनना मुश्किल है।
मिजोरम में उम्मीद के मुताबिक ही मंगलवार को सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। कहीं से भी किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। क्योंकि यहां पर मतदान शाम चार बजे तक होना था, इसलिए लोग सुबह सात बजे मतदान शुरू होेने से पहले ही पहुंचने लगे थे। मतदान केंद्रों पर सुबह जल्द पहुंचने वालों में राज्य के मुख्यमंत्री जोरमथांगा भी शामिल थे।
मुख्यमंत्री के धैर्य की सबने तारीफ
मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा सुबह-सुबह ही अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए 19-आइजोल वेंगलाई-I वाईएमए हॉल मतदान केंद्र पर पहुंचे। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के कारण उन्हें कुछ समय तक इंतजार करना पड़ा। ज़ोरमथांगा ने कहा, थोड़ी देर इंतजार करने के बावजूद, खराब ईवीएम को ठीक नहीं किया जा सका। जिसके कारण उन्हें अपना वोट सुबह के भोजन के बाद तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इस सबके बावजूद भी जिस तरह से इस खराबी पर प्रतिक्रिया दी, इसकी सभी जगह तारीफ हो रही है। लोग उनके धैर्य की भी तारीफ कर रहे हैं।
सत्ता में फिर होगी एमएनएफ की वापसी: जोरामथांगा
मिजोरम के मुख्यमंत्री और एमएनएफ (मिजो नेशनल फ्रंट) के अध्यक्ष ज़ोरमथांगा ने राज्य के चुनावों में मतदान केंद्र खुलते ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने 19-आइजोल वेंगलाई-आई वाईएमए हॉल मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। उन्होने त्रिशंकु विधानसभा की संभावना को खारिज करते हुए एमएनएफ एक आरामदायक बहुमत हासिल करेगा और उनकी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी।
किंतु-परंतु का सवाल ही नहीं, कांग्रेस बनाएगी सरकार: लालसावता
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष लालसावता ने दोपहर को मतदान किया। मतदान के बाद पत्रकारोें से बातचीत करते हुए कहा, उनको पूरा विश्वास है कि कांग्रेस इस चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी और सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा, कांग्रेस को इस बार मिजोरम के लोगों का साथ मिल रहा है। एक सवाल के जवाब में लालसावता ने कहा, हम सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। इस बार किसी तरह की किंतु और परंतु का सवाल ही नहीं है।
अपने दम पर बाएंगे मिजोरम में सरकार: लालदुहोमा
जोरम पिपुल्स मूवमेंट के प्रमुख और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार लालदुहोमा ने कहा है कि उनको पूरा विश्वास है कि पार्टी अपने दम पर अकेले सरकार बनाने जा रही है। लालदुहोमा ने कहा, "वे (एमएनएफ और कांग्रेस) आश्वस्त नहीं हैं। उनके दिल में बिल्कुल भी आत्मविश्वास नहीं है। लोगों का इस बार जेडपीएम के प्रति प्यार झलक रहा है। लोग खुलकर हमारा समर्थन कर रहे हैं। लोग जानते हैं कि जेडपीएम सरकार बनाने जा रही है।
विधायक बनने उतरे एमएनएफ के राज्यसभा सांसद
इस बार एमएनएफ ने अपने राज्यसभा सदस्य के वनलालवेना को विधानसभा चुनाव उतारा है। के वनलालवेना ने कहा, उन्हें पूरा विश्वास है कि वे जीत हासिल करेंगे। उनको अपने इलाके में भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा, वे जहां भी गए, हर कोई उनके अच्छे काम से खुश हैं। उन्होंने कहा, वे निर्वाचन क्षेत्र के विकास और रोजगार की समस्याओं को दूर करेंगे।