भारत के मिजोरम में रहने वाले दुनिया के सबसे बड़े परिवार के मुखिया जिओना चाना का निधन हो गया है। चाना का जन्म 21 जुलाई 1945 को हुआ था। उनके बारे में कहा जाता है कि उनकी पहली शादी 17 साल की उम्र में हुई थी उसके बाद उन्होंने 38 शादियां और की। चाना चुआंथर संप्रदाय के नेता भी थे। जिओना चाना साल 1942 में हमावंगकान गांव से निकाले जाने के बाद उनके दादा खुआंगतुहा ने इस संप्रदाय का गठन किया था। उनकी पहली पत्नी के अलावा सभी 38 पत्नियां जिंदा हैं और आज भी एक साथ ही रहती हैं।
आमतौर पर यह देखा जाता है जंहा एक परिवार में 10 या 15 लोग भी होते हैं तो लोगों के लिए घर संभालना मुश्किल हो जाता है, लेकिन 100 से भी ज्यादा लोगों का ये परिवार कैसे चलता है आखिर। कौन इनके लिए खाना बनाता था और कहां ये लोग रहते थे। इन सवालों के जवाब हर कोई जानना चाहता है। दुनिया के सबसे बड़े परिवार होने के नाते इनके परिवार के बारे में जानने की दुनिया भर में दिलचस्पी रही है।
ये परिवार मिजोरम के पहाड़ी गांव बक्तावंग तलंगनुम में रहता है। जियोना चाना की 39 पत्नियां और इन 39 पत्नियों से 94 बच्चे हैं, वहीं उनकी 14 बहुएं और 33 पोते-पोतियां है, जो एक ही घर में एक साथ रहते हैं। इनका चार मंजिला घर है जिसमें करीब 100 कमरे हैं। चाना के बच्चे और उनके पोते-पोतियों को मिलाकर घर में करीब 162 लोग साथ रहते हैं।
अब परिवार इतना बड़ा है तो जाहिर है खाने का इंतजाम भी खास करना होगा। इतने बड़े परिवार के लिए राशन का इंतजाम करना और उसको बनाना भी बड़ा टास्क है। चाना की पहली पत्ती घर की मुखिया के तौर पर काम करती हैं और किसे क्या काम करना है उसका बंटवारा वहीं करती हैं। घर की सारी महिलाएं एक साथ मिलकर खाना बनाती हैं। एक दिन में करीब 100 किलो चावल, 60 किलो आलू और करीब 40 किलो चिकन बनता है।
चाना परिवार पर नेताओं की भी खास नजर रहती है, एक ही परिवार से इतना वोट मिलना किसी भी राजनीतिक पार्टी के लिए बड़ी बात होती है।इसलिए सभी पार्टियां इस परिवार के साथ संबंध बनाकर रखती हैं।
आज तक मिजोरम की इस परिवार में लोगों की दिलचस्पी को देखते हुए खासतौर पर उनके परिवार के ऊपर कई डाक्यूमेंट्री बनाई गई हैं। भारत के साथ-साथ विदेशी मीडिया ने भी इस परिवार को करीब से जानने के लिए डाक्यूमेंट्रीज बनाई।