टाटा सन्स के बर्खास्त चेयरमैन सायरस मिस्त्री के लगातार हमलों के जवाब में अब अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने भी मोर्चा संभाल लिया है। मिस्त्री की बर्खास्तगी के बाद टाटा सन्स के कर्मचारियों को जारी दूसरे संदेश में रतन टाटा ने कहा है कि समूह की आगे की कामयाबी के लिए मिस्त्री को हटाना बिल्कुल जरूरी हो गया था। अंतरिम चेयरमैन रतन टाटा ने 100 अरब डॉलर वाले टाटा समूह के कर्मचारियों को जारी संदेश में कहा है कि टाटा सन्स के नेतृत्व में बदलाव का फैसला काफी सोच-विचार कर लिया गया है। बोर्ड सदस्यों के लिए यह काफी गंभीर फैसला है।
यह मुश्किल फैसला बेहद सावधानी और अच्छी तरह सोच कर लिया गया है। टाटा समूह की भविष्य की सफलता के लिए यह बिल्कुल जरूरी फैसला था। रतन टाटा की यह चिट्ठी मिस्त्री के उस बयान के बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन पर टाटा डोकोमो विवाद को समूह की संस्कृति और मूल्यों के मुताबिक हैंडिल न करने का गलत आरोप लगाया जा रहा है। मिस्त्री ने कहा है जापान की कंपनी एनटीटी डोकोमो और टाटा के संयुक्त उपक्रम से जुड़े हर फैसले में रतन टाटा शामिल रहे हैं।
गौरतलब है कि चार वर्ष पहले रिटायर हो चुके 78 वर्षीय रतन टाटा ने टाटा समूह के अंतरिम चेयरमैन का पद फिर यह कहते हुए संभाल लिया था कि उनका लौैटना समूह की स्थिरता और लीडरशिप की निरंतरता के लिए जरूरी है। रतन टाटा का कहना है कि पूर्णकालिक चेयरमैन की नियुक्ति से समूह दोबारा वर्ल्ड क्लास लीडर बन कर उभरेगा।