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प्रदूषण स्तर सामान्य से 17 गुना ज्यादा खतरनाक, दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित

Mon, 07 Nov 2016 07:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
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दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई शहरों पर छाए प्रदूषण के घने बादल रविवार को और गहरे हो गए। दिल्ली में रविवार को प्रदूषण स्तर सामान्य से न सिर्फ 17 गुना ज्यादा खतरनाक पाया गया बल्कि कई जगहों पर प्रदूषण मापने वाले यंत्र भी फेल हो गए। लोग बेहद परेशान हैं, सड़क पर चलना मुश्किल है। विकट हालात के चलते दिल्ली सरकार ने स्कूल तीन दिन तक बंद रखने समेत कई अहम फैसले किए हैं।
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बढ़ती धुंध की वजह से सांस की तकलीफ, अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की तादाद 15 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है और सोमवार को इसके और बदतर होने की आशंका है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट की आपात बैठक कर प्रदूषण से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा की जिनमें केंद्र की मदद से कृत्रिम बारिश कराने पर भी विचार किया जा रहा है। बदरपुर प्लांट को भी दस दिन के लिए बंद कर दिया गया है।

विशेषज्ञों की मानें तो नवंबर में इतने लंबे वक्त तक प्रदूषण का स्तर इस पैमाने पर ऊंचा पहले कभी नहीं रहा। रविवार को अब तक का सबसे खतरनाक स्तर दर्ज किया गया। हालात से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई आपातकालीन कदम उठाए हैं। ऑड ईवन को दोबारा शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कैबिनेट की बैठक में माना कि दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील हो चुकी है। फरीदाबाद व गुरुग्राम की भी कमोबेश यही स्थिति रही। 
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दूसरी तरफ सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एंड वेदर फॉर कास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के सभी मॉनीटरिंग स्टेशनों पर पीएम के आंकड़े 500 को पार कर गए। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की अनुमिता राय चौधरी बताती हैं कि पहले भी प्रदूषण का स्तर बढ़ता रहा है, लेकिन एक-दो दिन में आबोहवा सुधर जाती थी। इस बार एक हफ्ते से प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है।

हवा में फैले प्रदूषण कणों को मापने वाला यंत्र पीएम 2.5 से पीएम 10 का स्तर मापता है जिसमे 999 माइक्रोग्राम तक ही दोनों स्तर मापा जा सकता है। लेकिन आनंद विहार और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में पीएम 10 (क्रमश: 1635 और 1394 माइक्रोग्राम/ क्यूबिक मीटर) और पीएम 2.5 (क्रमश: 813 और 792 माइक्रोग्राम/ क्यूबिक मीटर) तक पहुंच गया। सीपीसीबी और सफर के मॉनिटरिंग स्टेशनों की प्रति घंटे एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 500 से अधिक बना हुआ है जो अधिकतम सीमा से भी अधिक है। प्रदूषण से निपटने में सरकार की नाकामी के खिलाफ स्कूली बच्चों ने मास्क लगाकर प्रदर्शन किया। इस बीच केजरीवाल ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल दवे से भी मुलाकात कर इस आपात स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय मदद का अनुरोध किया है।

लगभग एक सप्ताह से फैली धुंध की जानलेवा घनी चादर ने 1952 में लंदन की भयंकर धुंध की याद दिला दी है। जानकारों का कहना है कि हालांकि हवा में सल्फर डाई ऑक्साइड का स्तर नियंत्रण में है लेकिन अन्य प्रदूषित कणों की स्थिति लंदन के ग्रेट स्मॉग जैसी ही है जिसके चलते एक हफ्ते में लगभग 4000 लोगों की अकाल मौत हो गई थी। लंदन की आबोहवा में भी सल्फर डाई ऑक्साइड लेवल अधिक होने के साथ ही पीएम लेवल 500 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया था।

सरकार के अहम फैसले
- तीन दिन तक सभी स्कूल बंद रहेंगे।
- पांच दिन तक निर्माण और मरम्मत कार्य बंद रहेगा।
- डीजल जनरेटर 10 दिन तक बंद रहेंगे, पर मोबाइल टावरों और अस्पतालों पर यह लागू नहीं।
- बदरपुर प्लांट अगले 10 दिन तक बंद रहेगा, राख उठाना बंद रहेगा।
- ऑड-ईवन लागू करने और कृत्रिम बारिश कराने पर विचार।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों अजनारा और सुपरटेक पर नोएडा प्राधिकरण ने 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जबकि 18 बिल्डरों को प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है।

धुंध की वजह
- दिवाली की आतिशबाजी से हवा में जहरीले कणों की मात्रा बढ़ी।
- हरियाणा, पंजाब, राजस्थान में बड़े पैमाने पर पराली जलाना, लकड़ी-कोयले के चूल्हे से निकलने वाला धुआं।
- तेजी से बढ़ता शहरीकरण और निर्माण कार्य।

धुंध का असर
- दिल्ली में रणजी ट्रॉफी के दो मैच शनिवार से स्थगित। त्रिपुरा और हैदराबाद टीमों के खिलाड़ियों ने मास्क पहनकर प्रैक्टिस किया।
-  दिल्ली में तैनात सीआईएसएफ के 7000 जवानों को मास्क बांटे जाएंगे।
- दिवाली से अब तक मास्क की बिक्री में दस गुना वृद्धि। 90 रुपये में बिकने वाले सबसे सस्ते मास्क का स्टॉक कई जगह समाप्त।
- खतरनाक धुंध बनी कई दुर्घटनाओं का कारण, कई वाहन टकराए।
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जीटी रोड पर धुंध से टकराए 125 वाहन, नौ की मौत

- फोटो : File Photo
प्रदेश भर में छाया स्मॉग रविवार को सड़कों पर काल बनकर टूटा। अलग-अलग जिलों में जीटी रोड पर करीब 125 वाहन से अधिक टकराने से जहां नौ लोगों की मौत हो गई, वहीं 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। शनिवार रात दस बजे बाद से ही स्मॉग की इतनी घनी परत छा गई थी कि जीरो विजिबिलिटी के चलते वाहन चालक बमुश्किल गंतव्य तक पहुंच पाए। सुबह भी यही हाल रहा। इसकी वजह से जीटी रोड पर करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में ही 100 से अधिक वाहन भिड़ गए। हादसों में रोहतक में चार, करनाल, पानीपत और कैथल में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।

टॉप पांच शहरों में तीन एनसीआर के
रविवार को दिल्ली शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। दूसरे नंबर पर हरियाणा का फरीदाबाद व तीसरे पर गुरुग्राम था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश का आगरा व लखनऊ पांच सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मौसमी दशाओं में सुधार नहीं होता है, तो हालात बदतर हो सकते हैं। 
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