सुनहरे सपनों की आस में घर छोड़ने वाले प्रवासियों के लिए 2023 अब तक का सबसे घातक वर्ष रहा। इस वर्ष में प्रवासन के दौरान रास्ते में ही 8,565 लोगों को जान गंवानी पड़ी। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के मिसिंग माइग्रेंट्स प्रोजेक्ट की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ये प्रवासी वे हैं, जिन्हें गरीबी, रोजगार न मिलाना या अन्य किसी मजबूरी या बेहतर जीवन की उम्मीद में अपने घरों को छोड़ना पड़ता है। इससे पहले इन प्रवासन मार्गों पर जान गंवाने और लापता होने वाले लोगों के मामले में 2016 सबसे घातक साल था। तब 8,084 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन अब 2023 ने उसे पीछे छोड़ दिया है। 2022 की तुलना में 2023 में प्रवास के दौरान मरने वालों की संख्या में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। 2022 में 7,141 प्रवासियों की मौत हुई थी। 2022 में 7,141 प्रवासियों की मौत हुई थी। जनवरी 2014 के बाद अब तक 36,578 लोग प्रवासन के दौरान मारे जा चुके हैं।
2024 में अब तक 651 लोगों की मौत
रिपोर्ट में चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया है सिर्फ जनवरी और फरवरी 2024 में ही 651 लोगों की प्रवासन के दौरान मौत हो चुकी है या उनका अब तक पता नहीं चला है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां तमाम प्रयासों के बावजूद भी इन लोगों का अब तक कोई पता नहीं लगा पाई हैं।
भूमध्य सागर सबसे खतरनाक...प्रवासियों के लिए भूमध्य सागर सबसे घातक है। यहां कम से कम 3,129 लोगों की मौत या गुमशुदगी की जानकारी सामने आई है। भूमध्य सागर प्रवासन मार्ग दुनिया के सबसे खतरनाक और जानलेवा रास्तों में शामिल है। 2017 के बाद भूमध्य सागर में सबसे ज्यादा प्रवासियों की मौत 2023 में दर्ज की गई है। भूमध्य सागर अक्सर उग्र हो जाता है।
एशिया में सबसे अधिक 2,138 प्रवासियों की मौत
क्षेत्रीय तौर पर एशिया में सबसे अधिक 2,138 प्रवासियों की मौत हुई, जबकि अफ्रीका में यह संख्या 1,866 दर्ज की गई। इनमें एशियाई क्षेत्र में अफगान और रोहिंग्या शरणार्थियों की मौतें उस समय हुईं जब वे अपना देश छोड़कर जा रहे थे। वहीं, अफ्रीकी क्षेत्र में अधिकतर मौतें सहारा मरुस्थल और केनेरी द्वीपों को जाने वाले समुद्री मार्ग में हुई हैं।
डूबने की घटनाएं अधिक
आईओएम के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अब तक प्रवासियों की मौतों और गुमशुदगी के जो आंकड़े सामने आए हैं उनमें से 58 फीसदी से अधिक के लिए डूबने की घटनाएं जिम्मेदार थीं।
3.6 फीसदी आबादी प्रवासी
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, दुनिया में करीब 3.6 फीसदी आबादी प्रवासियों की है। इनमें से बहुत से लोग ऐसे हैं जो बेहतर अवसरों की तलाश में अपने परिवार, समुदायों को पीछे छोड़ दूसरे क्षेत्रों में प्रवास करते हैं।