29 मार्च से लापता 38 वर्षीय पत्रकार का जला हुआ शव उत्तरी अंडमान जिले के एक खेत से बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया कि 'रिपब्लिक अंडमान' नामक स्थानीय समाचार चैनल के मालिक शाहदेब डे का शव मंगलवार को डिगलीपुर के देशबंधु नगर के एक खेत में मिला। उत्तर और मध्य अंडमान जिले की पुलिस अधीक्षक श्वेता के सुगाथन ने कहा, 'यह एक हत्या का मामला है। हमने एक महिला सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। हत्या के पीछे का असली मकसद जांच के बाद ही सामने आएगा। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि महिला से जुड़ी व्यक्तिगत दुश्मनी की वजह से वारदात को अंजाम दिया गया है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान डिगलीपुर में बार सह रेस्तरां चलाने वाले गंगैया, उनके दो कर्मचारी रामा सुब्रमण्यम व रमेश और एक स्थानीय महिला बिटिका मलिक के रूप में हुई है। उन्होंने कहा, 'हमारी जांच अभी पूरी नहीं हुई है, क्योंकि हम हत्या के पीछे के सटीक मकसद के बारे में और अधिक जानकारी इकट्ठा करने का प्रयास कर रहे हैं।'
शव को आग लगाकर ठिकाने लगा दिया
एसपी ने कहा, 'गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान पता चला कि 29 मार्च को रात करीब 8 बजे बिटिका ने शाहदेब को डिगलीपुर स्थित नेहरू युवा केंद्र में मिलने के लिए बुलाया था। शाहदेब वहां गए, जहां गंगैया के कर्मचारी राम सुब्रमण्यम ने उन्हें किसी चीज से मारा। इससे वह फर्श पर गिर पड़े। सुब्रमण्यम पहले से ही बिटिका के साथ पीड़ित का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद वे शव को देशबंधु नगर में एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उन्होंने शव को आग लगाकर ठिकाने लगा दिया।'
गिरफ्तार किए गए लोगों के बयान विरोधाभासी
एसपी ने कहा, 'गिरफ्तार किए गए लोगों की ओर से दिए गए बयान विरोधाभासी हैं। हम उनके बयानों की दोबारा जांच कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे पुलिस को गुमराह कर रहे हैं या नहीं। आज सुबह पोर्ट ब्लेयर से फोरेंसिक विज्ञान विभाग की एक टीम डिगलीपुर पहुंची और उन्होंने अपनी जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक विज्ञान रिपोर्ट के बाद हम और जानकारी साझा करेंगे।'
अवैध मिट्टी कटाई, लकड़ी तस्करी, अवैध शराब रैकेट और जुए के खिलाफ मुखर थे
शाहदेब कथित अवैध मिट्टी कटाई, लकड़ी तस्करी, अवैध शराब रैकेट और जुए के खिलाफ मुखर थे। 29 मार्च को शाम करीब 7.49 बजे शाहदेब को डिगलीपुर मछली बाजार में देखा गया और फिर करीब 8.11 बजे उसने अपनी पत्नी को फोन करके बताया कि वह मधुपुर में है और उसे स्थानीय बाजार तक पहुंचने में एक घंटा लगेगा। शाहदेब के रिश्तेदार आलोक बारुई ने बताया, 'वह आमतौर पर रात 8.30 से 9 बजे के बीच घर लौटते हैं, लेकिन शनिवार को वह घर नहीं लौटा। करीब 8.11 बजे उसने अपनी पत्नी को आखिरी बार फोन किया और तब से उसका कोई पता नहीं चला। उसका सेल फोन बंद था।'
कुछ महीने पहले ही शाहदेब पर कुछ स्थानीय गुंडों ने हमला किया था
जांच में पता चला कि कुछ महीने पहले ही शाहदेब पर कुछ स्थानीय गुंडों ने हमला किया था। हमला उस वक्त किया गया था, जब वह इलाके में अवैध शराब रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए बाजार की कवरेज कर रहे थे। शाहदेब के एक करीबी दोस्त ने बताया कि व पिछले तीन सालों से यह न्यूज चैनल चला रहे थे। हम मामले की गहन जांच चाहते हैं।