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Kolkata: आरजीकर अस्पताल में तोड़फोड़-पथराव, प्रदर्शनकारियों के भेष में घुसे उपद्रवी; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Thu, 15 Aug 2024 06:18 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 'रिक्लेम द नाइट' अभियान से प्रेरित विरोध प्रदर्शन बुधवार रात 11:55 बजे शुरू हुआ, जिसने सोशल मीडिया के माध्यम से गति पकड़ी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ संरेखित प्रदर्शन कोलकाता के कई स्थलों सहित छोटे शहरों और बड़े शहरों दोनों के प्रमुख क्षेत्रों में फैल गया। 
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज में तोड़फोड़ और लाठियां भांजती पुलिस - फोटो : वीडियो ग्रैब/एएनआई
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विस्तार
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज परिसर में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को प्रदर्शनकारियों के भेष में उपद्रवियों का एक समूह घुस आया, जिसने अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही तोड़फोड़ की। इस दौरान उपद्रवियों ने कई वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। जब सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो उपद्रवियों ने पुलिस कर्मियों पर भी पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। इस बीच, कुछ पुलिस अधिकारियों के घायल होने की भी खबर है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। 

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बता दें कि 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमीनार हॉल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर का शव मिला था। डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी। हालांकि, इस मामले में पुलिस ने एक नागरिक स्वयंसेवक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मामले की जांच कोलकाता पुलिस से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। 

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कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 'रिक्लेम द नाइट' अभियान से प्रेरित विरोध प्रदर्शन बुधवार रात 11:55 बजे शुरू हुआ, जिसने सोशल मीडिया के माध्यम से गति पकड़ी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ संरेखित प्रदर्शन कोलकाता के कई स्थलों सहित छोटे शहरों और बड़े शहरों दोनों के प्रमुख क्षेत्रों में फैल गया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों के भेष में आधी रात को उपद्रवियों का एक समूह कॉलेज परिसर में घुस गया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। 

अधिकारी ने बताया कि जब पुलिस ने उपद्रवियों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिसकर्मियों पर भी पथराव कर दिया, जिससे कुछ पुलिस अधिकारी घायल हो गए और घटनास्थल पर एक पुलिस वाहन और कुछ दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। लाठियां भांजने के बाद उपद्रवी मौके से भाग निकले। 
 

कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने इस घटना के लिए मीडिया को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यहां जो कुछ हुआ है वह मीडिया के गलत अभियान के कारण हुआ है, जो कोलकाता पुलिस के खिलाफ चलाया जा रहा एक दुर्भावनापूर्ण मीडिया अभियान है। कोलकाता पुलिस ने क्या नहीं किया है? इस मामले में उसने सब कुछ किया है। उन्होंने कहा कि हमने परिवार को संतुष्ट करने की कोशिश की है, लेकिन अफवाहें उड़ाई जा रही हैं।



उन्होंने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि केवल एक ही व्यक्ति (आरोपी) है, हमने कहा है कि हम वैज्ञानिक साक्ष्य की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इसमें समय लगता है। सिर्फ अफवाहों के आधार पर, मैं एक युवा पीजी छात्र को गिरफ्तार नहीं कर सकता। यह मेरी अंतरात्मा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मीडिया का बहुत दबाव है, लेकिन हमने जो किया है वह सही है। अब सीबीआई इसकी जांच कर रही है। हम इसमें पूरा समर्थन देंगे। 
 

गोयल ने अफवाहें न फैलाने की अपील की। साथ ही कहा कि हम सभी पहलुओं को सत्यापित कर रहे हैं और वहां मौजूद सभी लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहली रात अतिरिक्त सीपी आरजी कर कॉलेज में थे। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सभी से पूछताछ की थी। उन्होंने कहा कि अफवाहें फैलाकर और नागरिकों में अविश्वास पैदा कर यह शहर हार गया है। आपको सीबीआई से पूछना चाहिए कि पिछले चार दिनों में अधिकारियों ने किस तरह का काम किया है। 

इस बीच, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, आज रात आरजी कर में गुंडागर्दी और बर्बरता सभी स्वीकार्य सीमाओं को पार कर गई है। एक जन प्रतिनिधि के रूप में, मैंने अभी कोलकाता के पुलिस आयुक्त से बात की और उनसे आग्रह किया कि सुनिश्चित करें कि आज की हिंसा के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की जाए, उसे जिम्मेदार ठहराया जाए। अगले 24 घंटों के भीतर उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
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कॉलेज और अस्पताल के एक प्रशिक्षु डॉक्टर हसन मुश्ताक के मुताबिक, हमें प्रदर्शन स्थल से विरोध मार्च के लिए रात 11 बजे निकलना था। लेकिन, परिसर के बाहर लोगों का एक समूह हंगामा कर रहा था। वह नारे लगा रहे थे कि हमें न्याय चाहिए, लेकिन आगे नहीं बढ़ रहे थे। इस बीच, भीड़ उग्र हो गई और समूह ने कॉलेज परिसर के अंदर घउसने की कोशिश की। हालांकि, उन्होंने पहले ही अपनी महिला टीम को वहां से चले जाने के लिए कह दिया था। जिसके बाद भीड़ बैरिकेड तोड़कर अंदर घुस गई और हमें अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। 

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