भारत ने कोरोना संकट को देखते हुए सीमा के आरपार आवाजाही की अनुमति देने से इनकार करते हुए 29 जून को करतारपुर गलियारा खोलने की पाकिस्तानी पेशकश को ठुकराया दिया। भारत ने स्पष्ट कहा, बढ़ते मामलों के बीच आवाजाही को अनुमति नहीं दी जा सकती। वहीं पाकिस्तान महाराजा रंजीत सिंह जी की पुण्यतिथि के मौके पर सिख श्रद्धालुओं के लिए गलियारा खोलकर अपनी साफ छवि दुनिया को दिखाने की कोशिश कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने दो टूक कहा है कि स्वास्थ्य अधिकारियों और अन्य भागीदारों से सलाह और हालात की समीक्षा के बाद ही आवाजाही की अनुमति होगी। सरकार की दलील है कि पाकिस्तान ने महज दो दिन पहले गलियारा खोलने की पेशकश की है जबकि द्विपक्षीय करार के मुताबिक यात्रा की तारीख से सात दिन पहले दोनों देशों को एक दूसरे को सूचित करना होगा ताकि पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सके।
इसके अलावा पाकिस्तान ने वादे के बावजूद रावी नदी पर बाढ़ को ध्यान में रखते हुए पुल भी नहीं बनाया है। ऐसे में मानसून में गलियारे से उस पार जा रहे भारतीयों की सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। इन सबके बीच सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा हालात में देशवासियों को सीमा पार जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शनिवार को ट्वीट किया, जैसे कि दुनिया भर में पूजा स्थल खुल गए हैं। पाकिस्तान भी सभी सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर साहिब गलियारा खोलने की तैयारी कर रहा है। ताकि 29 जून को महाराजा रंजीत सिंह जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धालु दर्शन को आ सकें। हमने अपनी इस तैयारी की जानकारी भारत को भी दे दी है।