राष्ट्रीय राजमार्गों पर पुलों और सड़कों के निर्माण में विनिर्देश और गुणवत्ता नियंत्रण उपायों के गैर अनुपालन के लिए सड़क मंत्रालय, एनएचएआई और नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएचआईडीसीएल) के क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारियों और इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इस संदर्भ में हाल ही में सड़क परिवहन और राजमार्ग (एमओआरटीएच) मंत्रालय ने एक सर्कुलर जारी किया था। एमओआरटीएच ने इस सर्कुलर में कहा कि निर्माण या फिर ऑपरेशन के दौरान नाकामी या फिर निगरानी के काम में लापरवाही के तीन से अधिक मामले होने पर मंत्रालय, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल के क्षेत्रीय अधिकारियों और इंजीनियरों पर बड़ा या अल्प जुर्माना लगाया जा सकता है।
समें कहा गया है कि अनुबंध की आवश्यकताओं के इस तरह के उल्लंघनों को रोकने के लिए, मंत्रालय में सक्षम प्राधिकारी ने निर्णय लिया है कि कार्य स्थल पर प्राधिकरण के प्रभारी अधिकारी परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण कार्य की कार्यप्रणाली अथॉरिटी के इंजीनियर या स्वतंत्र इंजीनियर और निगरानी सलाहकार द्वारा अनुमोदित है।
मौजूदा समय में प्राधिकरण किसी कार्य में खामी पाए जाने पर केवल ठेकेदार, स्वतंत्र इंजीनियर और सलाहकार निगरानी कंपनी पर ही जुर्माना लगाती है। इस सर्कुलर के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गों पर बनने वाले पुलों और सड़कों के निर्माण कार्य की निगरानी और देखभाल के लिए एमओआरटीएच, एनएचएआई और एनएचआईडीसीएल के संबंधित अधिकारियों को और अधिक जिम्मेदार बनाया गया है।