रेल मंत्रालय ने मालगाड़ियों को 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलाने के लिए एलस्टॉम के 12,000 हार्सपॉवर वाले इलेक्ट्रिक इंजन के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। फ्रांस की एलस्ट्राम कंपनी ने बुधवार को कहा कि इस साल की शुरुआत में रेलवे ने वैग 12बी इलेक्ट्रिक इंजन को शामिल किया था। यह भारतीय पटरियों पर चलने वाले सबसे अधिक शक्तिशाली इंजन में से एक है।
कंपनी के भारत और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक एलेन स्पॉहर ने कहा कि भारत के आत्मनिर्भर बनने पर जोर देने के अनुरूप हमने अपनी स्थानीय इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं का सफलतापूर्वक फायदा उठाया है। एलस्टॉम भारतीय रेल को उसका कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद करने और विश्व का सबसे बड़ा हरित रेलवे नेटवर्क बनाने के लिए स्वच्छ प्रौद्योगिकी अपनाने में मदद करने को प्रतिबद्ध है। कंपनी ने कहा कि यह इलेक्ट्रिक इंजन 6,000 टन माल के साथ मालगाड़ियों को 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार के साथ दौड़ने में सक्षम बनाता है।
इन इंजनों को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और रेलवे के मुख्य मालवहन रूट पर दौड़ाने की योजना है। इससे मालगाड़ियों की औसत रफ्तार 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा बढ़ाने में मदद मिलेगी। कोरोना महामारी की चुनौतियों के बावजूद अनलॉक 1.0 के साथ एस्ट्राम ने अपनी सभी विनिर्माण केंद्रों पर उत्पादन शुरू किया था। कंपनी सरकार के सभी नियमों का पालन कर रही है। कंपनी की बिहार के माधेपुरा, आंध्र प्रदेश में श्रीसिटी, तमिलनाडु में कोयंबटूर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता में औद्योगिक इकाइयां हैं। इसके अलावा कर्नाटक के बंगलूरू में एलस्ट्राम का इंजीनियरिंग सेंटर है।