रेल मंत्रालय ने सभी रेलवे इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे दो अक्टूबर से 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक सामग्री के एकल-उपयोग पर प्रतिबंध लगा दें, ताकि प्लास्टिक कचरे का उत्पादन कम हो सके और इसका पर्यावरण के अनुकूल निपटान हो सके। ये आदेश सख्ती के साथ दो अक्टूबर से लागू होगा।
बता दें कि लोक सभा सचिवालय ने मंगलवार से संसद भवन परिसर में फिर से काम में न आने वाली प्लास्टिक की पानी की बोतलों और प्लास्टिक के अन्य सामान के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी।
संसद भवन परिसर में कार्यरत लोक सभा सचिवालय और अन्य सहायक एजेंसियों के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशों का अनुपालन करने के लिए कहा गया है और उन्हें प्लास्टिक के सामान के बजाय पर्यावरण के अनुकूल/प्राकृतिक तरीके से नष्ट होने वाले थैलों/सामान का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी गई है।
यह उल्लेखनीय है कि 15 अगस्त, 2019 को 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से 2 अक्तूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर केवल एक बार प्रयोग में आने वाली प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का आह्वान किया था।
लोक सभा सचिवालय की यह पहल देश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र से किए गए आह्वान की दिशा में एक कदम है।