ओएनजीसी के बार्ज पी-305 पर फंसे 273 लोगों में से 186 को नौसेना के बहादुर जवानों ने बचा लिया गया है। 26 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। जबकि 81 लोग अब भी लापता हैं, जिन्हें बचाने के लिए राहत व तलाश अभियान जारी है।
चक्रवाती तूफान 'ताउते' के ताडंव के बीच मुंबई से 175 किलोमीटर दूर अरबियन सागर में ओएनजीसी के जहाज पी-305 डूबने के बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है। इस समिति में शिपिंग के महानिदेशक अमिताभ कुमार, हाइड्रोकार्बन के महानिदेशक एससीएल दास और रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव नाजली जाफरी शायिन शामिल हैं। यह समिति एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
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बता दें कि ताउते तूफान के तांडव के बीच मुंबई से 175 किलोमीटर दूर समुद्र में बार्ज पी-305 पर फंसे 273 लोगों में से 186 को नौसेना के बहादुर जवानों ने बचा लिया गया है। 26 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। जबकि 81 लोग अब भी लापता हैं, जिन्हें बचाने के लिए राहत व तलाश अभियान जारी है। नौसेना ने बुधवार को बयान जारी कर यह जानकारी दी। इस घटना के मद्देनजर पीएम मोदी ने अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही, हालात का जायजा लिया।
नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि ताउते तूफान के तांडव के बीच मुंबई के समुद्र में फंसे 4 जहाजों पर सवार 713 लोगों में से 620 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। अधिकारी ने बताया कि 713 कर्मियों को ले जा रहे तीन बार्ज और एक ऑयल रिग सोमवार को समुद्र में फंस गए थे। इनमें 273 लोगों को ले जा रहा बार्ज पी305, 137 कर्मियों को ले जा रहा जीएएल कंस्ट्रक्टर और एसएस-3 बार्ज शामिल है, जिसमें 196 कर्मी मौजूद थे। साथ ही 'सागर भूषण' ऑयल रिग भी समुद्र में फंस गया था, जिसमें 101 कर्मी मौजूद थे। इसमें से बार्ज P305 डूब गया है, जिस पर सवार 81 लोग अभी भी लापता हैं, जिन्हें बचाने के लिए तलाशी अभियान जारी है।