केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सरकार ने कोरोना के बहुत हल्के यानी माइल्ड, प्रीसिम्टोमेटिक और एसिम्टोमेटिक मामलों को लेकर होम आइसोलेशन के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें मंत्रालय ने कहा है कि उन्हीं मरीजों को होम आइसोलेशन में भेजा जाएगा जिन्हें डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती नहीं होने की जरूरत बताई होगी।
नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, हल्के लक्षण या बगैर लक्षण वाले मरीज जिनको कोई दूसरी बीमारी नहीं है वो घर पर होम आइसोलेशन में रहते हुए अपना इलाज करा सकेंगे लेकिन इसके लिए डॉक्टर की अनुमति लेनी जरूरी होगी।
संशोधित दिशानिर्देश में कहा गया है कि अगर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है, सीने में दर्द शुरू होता है या बोलने में तकलीफ होती है तो उनको तुरंत अस्पताल जाना होगा। इसके अलावा 60 साल के ऊपर के मरीजों को अस्पताल में ही इलाज कराने को कहा गया है।
इसके साथ ही जिन मरीजों को डायबिटीज, हाईपरटेंशन, कैंसर, किडनी या फेफड़ों से संबंधित कोई गंभीर बीमारी है, उनको भी अस्पताल में ही इलाज कराना होगा। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को परिवार के सदस्यों से बिल्कुल अलग रहना होगा।