राजनीति से जुड़े लोगों पर आयकर विभाग, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी से उपजे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय को कठोर सलाह जारी की है। आयोग ने राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे को चिट्ठी लिख कहा है कि उनके प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाली एजेंसियां छापेमारी की कार्रवाई में पूरी तरह से निष्पक्ष और भेदभाव रहित रवैया अपनाएं। कोई भी छापेमारी कई स्त्रोत से मिली ठोस जानकारी और विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर की जाए।
पिछले कुछ दिनों देश के कई हिस्सों में हुई छापेमारी के बाद राजनीतिक दलों ने आयोग से खास चुनिंदा लोगों पर छापेमारी की कर्इ शिकाएतें की हैं। इनमें तेलगुदेशम पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और जनता दल (एस) मुख्य पार्टियां हैं।
राजस्व सचिव को लिखी चिट्ठी में आयोग ने कहा है कि चुनाव में वोटरों को प्रभावित करने के लिए धन बल का इस्तेमाल अभी भी साफ सुथरे चुनाव के संचानल में सबसे बड़ी बाधा है। इसे रोकने के लिए भले वित्त मंत्रालय से जुड़ी एजेंसियां अपनी कार्रवार्इ कर रही है। लेकिन यह ध्यान रखा जाना जरुरी है कि इस कार्रवाई किसी खास मकसद ने ना हो कर निष्पक्ष हो। आयोग ने यह भी लिखा है कि इन छापेमारी में चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से रखे गए धन उजागर होते हैं तो इसकी जानकारी बिना समय गंवाय आयोग के दी जाए।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली में पिछले कुछ दिनों में कई छापेमारी हुई है। वित्त मंत्रालय की विभिन्न एजेंसियों ने 10 मार्च को आचार संहित लागू होने के बाद से कम से कम 55 छापेमारी की है।