विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को चीन सीमा विवाद, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थाई सदस्यता सहित कई मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की। मंत्रालय ने कहा कि एलएसी पर चल रहे तनाव के बीच भारत आगामी 23 जून को रूस और चीन के विदेश मंत्रियों के साथ होने वाली आरआईसी की आभासी बैठक में भाग लेगा। विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि इस आभासी बैठक में भारत भाग लेगा और कोविड-19 समेत कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर बात करेगा।
आठवीं बार यूएन का अस्थाई सदस्य बना भारत
इस दौरान मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि भारत आठवीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बना, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि पहली बार यहां भारत के पक्ष में इतने वोट पड़े हैं।
मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि सदस्यता के लिए 128 वोटों की जरूरत होती है लेकिन भारत को इससे कहीं अधिक 192 में से 184 वोट मिले जो भारत के विश्वस्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) विकास स्वरुप ने कहा, 'यह संयुक्त राष्ट्र में भारत की सद्भावना को दिखाता है और परिषद के काम में योगदान देने के लिए भारत की क्षमताओं पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विश्वास को दोहराता है।
उन्होंने कोविड-19 पर बात करते हुए कहा कि इसने हमें नई खोज और आविष्कार करने और दुनिया को एकजुट होने के मौके दिए।