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MEA: मंत्रालय ने विदेशों में नौकरी करने वालों के लिए जारी की एडवाइजरी, फर्जी नौकरी के प्रस्तावों में न फंसें

Sat, 24 Sep 2022 02:22 PM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा कि, भारत से आईटी क्षेत्र से जुड़े युवाओं को ज्यादातर कथित तौर पर सीमा पार से अवैध रूप से म्यांमार ले जाया जाता है। यहां उनसे कठोर कार्य कराया जाता है।
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Ministry of External Affairs - फोटो : social media
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विस्तार
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आईटी क्षेत्र से जुड़े युवाओं को विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाले शोषण की रोकथाम के लिए विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा कि, भारत से आईटी क्षेत्र से जुड़े युवाओं को ज्यादातर कथित तौर पर सीमा पार से अवैध रूप से म्यांमार ले जाया जाता है। यहां उनसे कठोर कार्य कराया जाता है। साथ ही उन्हें बंधक बना लिया जाता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि युवा इस तरह के फर्जी नौकरी के प्रस्तावों में न फंसें। 
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म्यांमार में करीब 150 भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स फंसे हुए हैं
विदेश मंत्रालय की माने तो म्यांमार में करीब 150 भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय उनकी भारत वापसी की हरसंभव पहल कर रहा है। अभी तक 32 लोगों को बचाने में कामयाब रहा हैं। कई आईटी कंपनियां कर्मचारियों को बंधक बनाकर रखने के रैकेट के मुख्य केंद्र म्यावाडी हैं। यह आईटी एसईजेड क्षेत्र माई सॉट से ज्यादा दूर नहीं है। बताया जाता है कि थाईलैंड-म्यांमार सीमा स्थित म्यावाडी से इस रैकेट को चीनी नागरिक कंट्रोल करते हैं। 

बैंकॉक से ऐसे भेजे जाते है म्यांमार
वहां फंसे मुंबई के एक आईटी से जुड़े एक शख्स ने बताया कि भारत सरकार को उन्हें निकालने के लिए जल्द से जल्द कठोर कदम उठाने होंगे। नौकरी चाहने वाले वीजा ऑन अराइवल सुविधा का उपयोग करके बैंकॉक पहुंचते हैं। वहां से उन्हें म्यांमार भेज दिया जाता है। ऐसे में उनकी आवाजाही पर नजर रखना आसान नहीं होता है। 
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