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राहुल के आरोप पर रक्षा मंत्रालय का सख्त बयान, ‘फिंगर 4’ तक नहीं, ‘फिंगर 8’ तक है एलएसी

Fri, 12 Feb 2021 04:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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LAC - फोटो : अमर उजाला
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लद्दाख में चीन व भारत के बीच सेना पीछे हटाने के समझौते को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि यह दावा कि भारतीय क्षेत्र फिंगर 4 तक है, सरासर गलत है। जैसा कि भारत के नक्शे में भारतीय भूभाग प्रदर्शित किया गया है, उसमें यह भी शामिल है कि 43,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र 1962 से चीन के अवैध कब्जे में है। यहां तक कि भारतीय धारणा के मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) ‘फिंगर 8’ पर है, ना कि ‘फिंगर 4’ पर है।

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रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में पैंगोग सो (झील) इलाके में सैनिकों को पीछे हटाने के लिए चीन के साथ हुए समझौते में किसी भी इलाके से दावा नहीं छोड़ा है। यह बयान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की उस टिप्पणी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने ‘भारत माता का एक टुकड़ा’ चीन को दे दिया। राहुल ने इस समझौते को लेकर भी सवाल उठाए थे।


सेना की ताकत पर पूरा भरोसा

राहुल गांधी के बयान पर, रक्षा मंत्रालय ने कड़े शब्दों वाला एक बयान जारी कर कहा कि पूर्वी लद्दाख सेक्टर में देश के राष्ट्रीय हित और भूभाग की प्रभावी तरीके से रक्षा की गई है, क्योंकि सरकार ने सशस्त्र बलों की ताकत पर पूरा भरोसा दिखाया है। बयान में कहा गया है कि जिन्हें हमारे सैन्य कर्मियों के बलिदान से हासिल की गई उपलब्धियों पर संदेह है, दरअसल वे उनका (शहीद सैनिकों का) असम्मान कर रहे हैं।

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‘फिंगर 8’ तक गश्त का अधिकार

मंत्रालय ने बयान में खास स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि भारत के नक्शे में भारतीय भूभाग प्रदर्शित किया गया है, उसमें यह भी शामिल है कि 43,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र 1962 से चीन के अवैध कब्जे में है। यहां तक कि भारतीय धारणा के मुताबिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) ‘फिंगर 8’ पर है, ना कि ‘फिंगर 4’ पर है। यही कारण है कि भारत ‘फिंगर 8’ तक गश्त का अधिकार होने की बात लगातार कहता रहा है, जो चीन के साथ मौजूदा सहमित में भी शामिल है। 

एलएसी का सम्मान सुनिश्चित किया गया
बयान में कहा गया है, भारत ने समझौते के परिणामस्वरूप किसी भी इलाके पर दावे को नहीं छोड़ा है। इसके उलट, उसने एलएससी का सम्मान सुनिश्चित किया और एकतरफा तरीके से यथास्थिति में कोई बदलाव करने से रोका है। मंत्रालय ने यह भी कहा पैंगोंग सो के उत्तरी तट पर दोनों तरफ की चौकियां पहले से हैं और अच्छी तरह से काम कर रही हैं।

 

राहुल ने था-पीएम मोदी ने चीन के सामने मत्था टेका

इससे पहले शुक्रवार सुबह राहुल ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया था कि सरकार अपने पुराने रुख को भूल गई। चीन के सामने नरेंद्र मोदी ने अपना सिर झुका दिया, मत्था टेक दिया। हमारी जमीन फिंगर 4 तक है। मोदी ने फिंगर 3 से फिंगर 4 की जमीन जो हिंदुस्तान की पवित्र जमीन थी, चीन को सौंप दी है।’’

गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में बयान देकर बताया था कि चीन के साथ पैंगोंग झील के उत्तर एवं दक्षिण किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया है और भारत ने इस बातचीत में कुछ भी खोया नहीं है।
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रेड्डी व नकवी ने कहा-अपने परनाना से पूछें राहुल

इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने उन्हें अपने परनाना से यह पूछने की सलाह दी है कि किसने भारतीय क्षेत्र चीन को सौंपा। नकवी ने राहुल के बयान को जवानों का मनोबल तोड़ने वाला बयान बताया।  राहुल के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, 'उन्हें अपने परनाना (पंडित जवाहरलाल नेहरू) से पूछना चाहिए कि चीन को भारत का क्षेत्र किसने दिया है। उन्हें जवाब मिल जाएगा... कौन देशभक्त है और कौन नहीं। जनता यह सब जानती है।'
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