फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Defence: आतंकवाद रोधी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 2000 करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी, आधुनिक हथियार खरीदे जाएंगे

Tue, 24 Jun 2025 12:14 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रक्षा मंत्रालय सेना के आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए रिमोटली पायलेटेड एरियल व्हीकल, कई तरह के ड्रोन्स, बैलिस्टिक हेलमेट, भारी और मध्यम रेंज के क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल और राइफलों के लिए नाइट विजन आदि खरीदेगा। 
विज्ञापन
Indian Army - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना की आतंकवाद रोधी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी दी है। यह रक्षा खरीद आपात अधिग्रहण व्यवस्था के तहत की जा रही है। इस रक्षा खरीद के तहत 13 कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी गई है। जिसमें सुरक्षाबलों के लिए आधुनिक हथियार और उपकरण खरीदे जाएंगे, जो आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षाबलों की क्षमताओं में उल्लेखनीय इजाफा करेंगे। 
विज्ञापन


आधुनिक हथियार खरीदे जाएंगे
इस रक्षा खरीद की कुल लागत 1981.90 करोड़ होगी। जिसमें भारतीय सेना के लिए इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम की खरीद की जाएगी। साथ ही लो लेवल लाइट वेट रडार, बहुत कम रेंज वाला एयर डिफेंस सिस्टम जैसे लॉन्चर्स और मिसाइल आदि की खरीद की जाएगी। रक्षा मंत्रालय सेना के आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए रिमोटली पायलेटेड एरियल व्हीकल, कई तरह के ड्रोन्स, बैलिस्टिक हेलमेट, भारी और मध्यम रेंज के क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल और राइफलों के लिए नाइट विजन आदि खरीदेगा। 

ये भी पढ़ें- Passport Seva Divas: देशभर में पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0 शुरू; जयशंकर ने ई-पासपोर्ट रोलआउट का भी किया एलान
विज्ञापन
विज्ञापन


एससीओ सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने आतंकवाद का मुद्दा उठाएंगे
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चीन के किंगदाओ में बुधवार से हो रहे एससीओ (शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन) में शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन में राजनाथ सिंह आतंकवाद का मुद्दा उठाएंगे। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए संघर्ष के बाद यह किसी शीर्ष भारतीय नेता की पहली चीन यात्रा है। एससीओ सम्मेलन में रक्षा मंत्री एससीओ के सदस्य देशों के बीच व्यापार, आर्थिक सहयोग और संपर्क बढ़ाने की भी वकालत कर सकते हैं। रक्षा मंत्री चीन में कई सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय मुलाकात कर सकते हैं। इनमें चीन और रूस के रक्षा मंत्री भी शामिल हैं। 

ये भी पढ़ें- ASEAN Controversy: आसियान को 'चीन की बी टीम' कहने पर बवाल, कांग्रेस बोली- विदेश नीति पर एक और चोट


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें