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सरकार के संसदीय प्रबंधकों की फिर खुली कलई, बीएसी की बैठक से नदारद रहे सरकार के मंत्री

Tue, 30 Jan 2018 05:19 AM IST
संजय मिश्र/नई दिल्ली
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केंद्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार के करीब चार वर्ष पूरे होने को हैं। मगर संसद के हर सत्र में सरकार के फ्लोर प्रबंधकों की कलई खुलती रही है। लेकिन इस दफे बजट सत्र में हद होती दिख रही है। बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान सांसदों की संख्या कम नजर आई। आलम यह था कि अतिरिक्त लगाई जाने वाली कुर्सीयां राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान खाली रहीं। 

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संसद के दोनों सदनों के सदस्यों की संख्या को ध्यान में रखते हुए हर बार राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान अतिरिक्त कुर्सीयां संसद के केंद्रीय कक्ष में लगाई जाती हैं। सोमवार को इस दफे भी वैसी ही व्यवस्था केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपति अभिभाषण के लिए बनाई गई थी। मगर अधिकांश अतिरिक्त कुर्सीयां खाली रहीं। राष्ट्रपति अभिभाषण के दौरान सांसदों की उपस्थिति पहले के अपेक्षा कम रही। इसके अलावा सदन के कामकाज को निर्धारित करने वाली बीएसी की बैठक में भी सरकार के नुमाइंदे नजर नहीं आए।

बीएसी बैठक में नदाराद रही सरकार 

सदन के कामकाज को तय करने के लिए सोमवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की मौजूदगी में हुई राज्यसभा के बीएसी की बैठक में सरकार का एक भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। तो लोकसभा की बीएसी बैठक में भी सरकार के मंत्री देर से पहुंचे। तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है कि राज्यसभा की बीएसी बैठक से सरकार गायब थी। 
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अपने ट्वीट में ब्रायन ने लिखा है कि इस सरकार ने यह दोबारा साबित किया है कि संसद के बारे में वह दोहरी भाषा बोलती है। राज्यसभा अध्यक्ष के जरिए बीएसी की पूरी बैठक ली गई लेकिन इससे सरकार नदारद थी। दूसरी ओर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के नेतृत्व में हुई लोकसभा के बीएसी की बैठक में भी शुरुआत के समय सरकार का कोई मंत्री शामिल नहीं था। इसपर विपक्ष के नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष यह मामला रखा कि सरकार के मंत्री बीएसी बैठक में नहीं हैं। 

इस पर महाजन थोड़ा सरकार का बचाव करती नजर आईं। सरकार के मंत्री की उपस्थिति का सवाल उठा रहे नेताओं से महाजन ने कहा कि मंत्री राज्यसभा में होंगे। इसलिए बैठक में शामिल नहीं है। इसपर विपक्षी दल के नेता शांत नहीं हुए। तब लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार के मंत्रियों का पता लगवाने का फरमान अपने कर्मियों को दिया। 

बैठक शुरू होने के करीब 25 मिनट बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बैठक में पहुंचे। तो विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय मंत्री को बुलाने की मांग की। इस पर स्पीकर महोदय ने मेघवाल को झुंझलाते हुए कहा कि अनंत कुमार को देखिए, बुलाकर लाईये..तब थोड़ी देर बाद अनंत कुमार बीएसी की बैठक में पहुंचे। 

जबकि सदन की कार्यवाही को सूचारू रूप से चलाने और सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के मामले को लेकर संसद के हर सत्र में खुद पीएम मोदी अपने नेताओं को नसीहत देते रहे हैं। मगर उनकी नसीहत का असर उनके सांसद और मंत्रियों पर होता दिख नहीं रहा है। अमूमन संसद के हर सत्र में ही सरकार के फ्लोर प्रबंधकों की कलई किसी न किसी मामले पर जरूर खुलती है। 

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