एक स्थानीय अदालत ने महाराष्ट्र की मंत्री यशोमति ठाकुर को आठ साल पुराने मामले में पुलिसकर्मी को पीटने के जुर्म में तीन महीने सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने इस मामले में तीन और लोगों को तीन-तीन माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्री का चालक भी शामिल है।
कांग्रेस कोटे की मंत्री सहित चार दोषियों पर 15,500 का जुर्माना भी लगाया
कांग्रेस नेता और महिला मंत्री सहित सभी दोषियों को जुर्माना नहीं चुकाने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने सभी पर 15,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में जज जोशी ने यशोमति, उनके चालक और दो अन्य लोगों को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को दोषी पाया। दरअसल पुलिसकर्मी ने वनवे लेन पर मंत्री की गाड़ी को रोका था। अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह मामला अमरावती के राजापेट थाने के अंतर्गत 24 मार्च, 2012 का है। महिला मंत्री ने कहा है वह निचली अदालत के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देंगी।