केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सोमवार को पहले अंत्योदय एक्सप्रेस और चौथे हमसफर एक्सप्रेस को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हरी झंडी दिखाकर नई दिल्ली से रवाना किया। अंत्योदय एक्सप्रेस केरल के एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन से चलकर सेलेम, काटपाडी और विशाखापत्तनम होते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा तक की यात्रा करेगी।
अंत्योदय ट्रेन के शुरू होने से कभी बिजली, पानी, पंखे के अभाव से जूझते और मोबाईल चार्ज करने को पूरी ट्रेन में भटकते हुए सफर करने को मजबूर यात्रियों को अब इस परेशानी से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। रेल मंत्रालय ने अंत्योदय एक्सप्रेस को सभी जरुरी सुविधाओं से लैस कर तैयार किया है।
अंत्योदय ट्रेन: क्या है खासियत?
- अंत्योदय ट्रेन पूरी तरह से अनारक्षित है जिसमे गर्मी के दिनों के लिए पंखों से लैस किया गया है।
- इस ट्रेन में रोशनी के लिए एलईडी लाइट लगी है।
- 22 कोच वाली अंत्योदय के हर डिब्बे में पानी के लिए एक्वा गार्ड लगे है।
- मुफ्त में यात्रियों को पीने के लिए इससे शुद्ध पानी मिलेगा।
- एलएचबी कोच वाली यह ट्रेन अगर दुर्घटनाग्रस्त होती है तो इसमें यात्रियों को कम क्षति पहुंचती है।
- यह ट्रेन 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलेगी।
- एक कोच में 100 यात्रियों के बैठने और 200 यात्रियों के खड़े होने की जगह होगी।
- हर कोच में 20 मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स होंगे।
अंत्योदय एक्सप्रेस द्वितीय श्रेणी साधारण दर्जे की बोगियों वाली अनारक्षित ट्रेन है। पहली 22877/22878 एर्नाकुलम-हावड़ा (2307 किमी) एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन है जो मंगलवार को एर्नाकुलम से और शनिवार को हावड़ा से चला करेगी। वहीं, चौथी हमसफर एक्सप्रेस राजस्थान के श्रीगंगानगर से कृष्णाराजापुरम, पुणे और अहमदाबाद होते हुए केरल के तिरुचिरापल्ली के बीच चलेगी।
14715/14716 श्रीगंगानर-तिरुचिरापल्ली (3199 किमी) हमसफर भी फिलहाल साप्ताहिक ट्रेन है। यह मंगलवार को श्रीगंगानगर से और बृहस्पतिवार को तिरुचिरापल्ली से चला करेगी। ट्रेन को रवाना करने के अवसर पर सुरेश प्रभु ने कहा कि चौथी हमसफर एक्सप्रेस उत्तर से दक्षिण पूरे देश को जोड़ेगी। यह पूरी तरह से थर्ड-एसी सेवा है, जो जीपीएस आधारित पैसेंजर सूचना प्रणाली जैसे सुविधाओं से परिपूर्ण है।