गुजरात के गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने गुरुवार को कहा कि हालिया हुए गुजरात विधानसभा चुनावों में बीजेपी 99 सीटों पर सिमट गई, क्योंकि कसाइयों, शराब तस्करों और प्रस्तावित ट्रिपल तलाक का विरोध करनेवालों ने बीजेपी को वोट नहीं दिया।
पिछले साल दिसंबर में विधानसभा चुनाव में कांटे के मुकाबले में बीजेपी लगातार छठवीं बार राज्य की सत्ता पर काबिज हुई। हालांकि उसके सीटों की संख्या 115 से घटकर 99 हो गई। 182 सदस्यों वाली सदन में कांग्रेस ने 77 सीटें जीती, जो 2012 के मुकाबले में 19 सीटें ज्यादा थी।
प्रदीप सिंह जडेजा ने विधानसभा में कहा, "मैं आपको बताता हूं कि हमें किसने वोट नहीं दिया। यह वो कसाई थे जो गौकशी के खिलाफ कड़ा कानून लाने से हमसे नाराज थे। यह वो शराब तस्कर थे जो हमसे नाराज थे क्योंकि बीजेपी सरकार एक कड़ा मद्य-निषेध कानून लेकर आई थी।"
जडेजा 19 फरवरी को दिए राज्यपाल ओपी कोहली के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस के चुटकी लेने पर विषय भाजपा के चुनाव प्रदर्शन की ओर मुड़ गया।
राज्यमंत्री ने कहा, "कई स्कूल मालिक नाराज थे क्योंकि फीस पर लगाम लगाने के लिए हम कानून लेकर आए। केंद्र में बीजेपी की सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक से मुस्लिम महिलाओं की सुरक्षा के लिए लाए गए बिल से जो लोग नाराज थे उन्होंने भी हमें वोट नहीं दिया। लेकिन हमें उनकी परवाह नहीं है।"
अच्छे डायलॉग से फिल्म तो कामयाब हो सकती है लेकिन...
बलदेवजी ठाकोर
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जडेजा ने कहा कि कांग्रेस को सिर्फ 77 सीटों पर जीत मिली हालांकि उनके नेताओं ने लोगों को जाति और सांप्रदायिक राजनीति के जरिये भड़काने की कोशिश की थी।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से चुटकी लेते हुए जडेजा ने कहा, "हालांकि एक शीर्ष कांग्रेस नेता जो चुनावों से पहले कभी मंदिरों नहीं जाते थे उन्होंने इतने सारे मंदिरों का दौरा किया, लेकिन इससे पार्टी को गुजरात की सत्ता में आने में मदद नहीं मिली।"
इस बीच, कांग्रेस के महासचिव बलदेवजी ठाकोर ने कहा, "भाजपा को यह गलतफहमी है कि केवल नरेंद्र मोदी ने गुजरात का विकास किया और उनसे पहले कोई अन्य मुख्यमंत्री था ही नहीं।"
कांग्रेस विधायक विक्रम मदम ने कहा कि बीजेपी महज 99 सीटों पर सिमट गई, जो कि चुनावों से पहले पार्टी नेतृत्व द्वारा तय किए गए 150 सीटों के लक्ष्य से बहुत कम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, "अच्छे डायलॉग से एक फिल्म को कामयाब बनाने में मदद मिल सकती है। (लेकिन) देश को सफलतापूर्वक चलाने के लिए आपके पास ठोस योजनाएं होनी जरूरी है"।
मदम ने कहा, "150 सीटें जीतना बीजेपी का लक्ष्य था। आपको अपने अंदर झांकने की जरुरत है कि क्यों आप 99 सीटों पर सिमट गए। यहां तक कि आपके पिछले कैबिनेट के आधे मंत्री हार गए। अगर आपने ने वास्तव में कोई विकास किया है, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती।"