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पहाड़ से मैदान तक मौसम की मार,उत्तर भारत में किसान की हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद

Fri, 06 Mar 2020 11:38 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किसान - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों का हाल बेहाल कर दिया है। यूपी, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों में हजारों हेक्टयेर फसल बर्बाद हो गई है। गेहूं और सरसों की खड़ी फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। 

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तेज हवाओं और ओलावृष्टि की वजह से खड़ी फसल लेट गई है। इसके चलते अनेक किसानों को इंद्र देवता से हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हुए देखा गया। किसानों का कहना है कि बेमौसम की बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

इन्होंने सरकार से उचित मुआवजे की भी मांग की है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो हवा और बारिश से गेहूं की फसल को बीस फीसदी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।  

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यूपी के सात जिलों में 2.37 लाख किसान प्रभावित 

  • यूपी में एक से छह मार्च के बीच ओलावृष्टि से सात जिलों में 2,37,374 किसानों की 1,72,001.8 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।
  • इनमें तीन जिलों सोनभद्र, जालौन व सीतापुर में 1819.32 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति की बात सामने आई है। 

सीएम योगी ने राहत पहुंचाने के दिए निर्देश 

  • यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
  • उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा है कि जनहानि, पशुहानि व मकान क्षति से प्रभावित व्यक्तियों को 24 घंटे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध करा दी जाए।

गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान 

  • मुरादाबाद जिले में बारिश के साथ ही चली हवा ने किसानों की गेहूं की फसल को अधिक नुकसान पहुंचाया है। 
  • खेतों में बिछी गेहूं की फसल देख किसान सदमे में हैं। 
  •  मेरठ में भी तेज हवाओं के चलने से सरसों व गेहूं की फसल ढह गई। 

राजस्थान में 33 फीसदी फसल बर्बाद 

  • राजस्थान में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से 33 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। 
  • आपदा प्रबंधन व राहत मंत्री भंवर लाल मेघवाल ने राजस्थान विधानसभा में यह जानकारी दी। 
  • उन्होंने बताया कि नुकसान का सही आकलन अगले 10 से 15 दिनों में पूरा हो पाएगा। 
  • मंत्री ने यह भी बताया कि बिजली गिरने की वजह से दो महिलाओं की मौत हो गई। 

पंजाब में बारिश से घर की छत गिरने से चार की मौत

पंजाब में चंडीगढ़ के गांव मुलेचक्क में गुरुवार की रात बारिश से एक घर की छत गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। 
  •  पंजाब में ओलावृष्टि से खड़ी फसल खेतों में बिछ गई। 
  • अधिकांश इलाकों में बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। 
  • मालवा इलाके के अधिकांश जिलों में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई। 
  • बठिंडा, जालंधर, अबोहर आदि जिलों में कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान हुआ।

हरियाणा में 80 फीसदी तक फसल नुकसान 

  • पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से हरियाणा के सात जिलों में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को ताबड़तोड़ बारिश और ओलावृष्टि हुई। 
  • इससे लाखों हेक्टेयर में लगी सरसों, गेहूं और सब्जी की फसलों को 50 से 80 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है। 
  • मौसम केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक हिसार में 23 साल बाद सबसे अधिक 37 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, रेवाड़ी में 54 एमएम बारिश हुई, जबकि पूरे हरियाणा में 12.5 एमएम औसत बारिश दर्ज की गई है।

पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बिगड़ा

कश्मीर के गांदरबल जिले के रायल गुंड क्षेत्र में शुक्रवार को हिमस्खलन से एक श्रमित की मौत हो गई, एक अन्य को बचा लिया गया। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी और बारिश के कारण कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। विभिन्न प्रदेशों के मौसम विभाग ने शनिवार को भी कमोबेश ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है।

खराब मौसम से कटड़ा-सांझीछत चॉपर सेवा बाधित

जम्मू-कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में बारिश के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। बारिश और धुंध के कारण कटड़ा-सांझीछत चॉपर सेवा बाधित रही। रामबन में पहाड़ों से गिर रहे पत्थर और भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग 17 घंटे बंद रहा।

दोपहर बाद खुले हाईवे पर घंटों जाम की स्थिति रही। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार शनिवार को भी मौसम में खास सुधार नहीं होगा और कई इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी होगी।
 

रोहतांग समेत ऊंची चोटियों पर दूसरे दिन भी बर्फबारी

  • हिमाचल में रोहतांग समेत ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी और राजधानी शिमला समेत कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश से फसल को नुकसान हुआ है। 
  • दो दिनों में रोहतांग में 45, कोकसर 25, मढ़ी-सोलंगनाला व जलोड़ी दर्रे में 30 और गुलाबा में 15 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई।
  • एनएच-305 पर जलोड़ी दर्रे से दो दिनों से वाहन सेवा ठप है। लाहौल घाटी में इन दिनों स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। 
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उत्तराखंड : ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण के मार्ग पर फंसे वाहन

उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में शुक्रवार को पूरे दिन मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा। चारों धामों समेत औली, हेमकुंड साहिब व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ।
  • कुमाऊं मंडल में भी मुक्तेश्वर, मुनस्यारी समेत ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ और निचले इलाकों में दिनभर बारिश जारी रही।
  • प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में जमकर बर्फबारी और आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं।
  • मंत्री और विधायक बर्फबारी के कारण लंच करने भी नहीं जा सके और विधानसभा की कार्रवाई देखने आए लोग भी बारिश और बर्फबारी होने से वहीं फंस गए।
  • दिवालीखाल से भराड़ीसैंण तक जगह-जगह वाहन फंसे रहे। तीन जेसीबी और एक स्नोकटर मशीन से बर्फ को हटाकर मार्ग खोला गया।
  • मसूरी में बारिश और धनोल्टी व चकराता में भी बर्फबारी हुई। त्यूनी-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ जमने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।
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