फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाखों बच्चे जो 'बढ़' नहीं पा रहे हैं

Tue, 09 Aug 2016 01:25 PM IST
बीबीसी
विज्ञापन
- फोटो : bbc
विज्ञापन
पौष्टिक खाना न मिलने, दूषित पानी पीने और साफ-सफाई न होने के वजह से दुनिया में सबसे अधिक अविकसित बच्चे भारत में हैं। यह जानकारी बच्चों के अधिकारों और दूसरे क्षेत्रों में काम करनेवाली संस्था वाटर-एड की रिर्पोट 'कॉट शॉर्ट' में दी गई है।
विज्ञापन


रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पांच वर्ष से कम आयु के चार करोड़ 80 लाख बच्चों का समुचित विकास नहीं हो पाया है। इस क्रम में नाइजीरिया (एक करोड़ 30 लाख) और पाकिस्तान (98 लाख) दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं।

उम्र के मुताबिक बच्चों का विकास न हो पाने की एक मुख्य वजह जीवन के पहले दो सालों में पौष्टिक आहार का न मिल पाना है। इसका असर उनके मानसिक विकास पर भी पड़ता है। खाने की कमी के अलावा, जो दूसरी चीजे बच्चों के विकास को प्रभावित करती हैं वो शौचालयों की कमी, दूषित पानी का सेवन वगैरह है जिससे बार-बार डायरिया होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भारत में हर साल डायरिया से एक लाख 40 हजार बच्चों की जाती हैं जान

- फोटो : bbc
भारत में आज भी करीब 70 करोड़ 60 लाख लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल पाता है। जबकि 77 करोड़ 40 लाख लोगों के पास पर्याप्त साफ-सफाई की सुविधा नहीं है। करीब एक लाख 40 हजार बच्चे हर साल डायरिया की वजह से मर जाते हैं।

वाटर-एड में स्वास्थ एवं स्वच्छता के पॉलिसी एनालिस्ट मेगन विल्सन जोंस कहते हैं कि भारत की आधी से अधिक आबादी खुले में शौच करती है। इससे भयानक बीमारियां फैलती हैं। जिसकी वजह से बच्चों में डायरिया और कई तरह के संक्रमण होते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ सालों में भारत में अविकसित बच्चों की संख्या में तेजी से कमी आई है। 2006 में करीब 48 फीसद अविकसित पाए गए थे, जो 2014 में घटकर 39 फीसद पाये गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें