ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्य
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ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू की वीरता - वीर चक्र
ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू ने कई 'डीप पेनिट्रेशन स्ट्राइक मिशन' उड़ाए और निर्धारित लक्ष्यों को सटीकता से ध्वस्त किया। उनकी यूनिट ने पश्चिमी मोर्चे से तीन अलग-अलग ठिकानों से ऑपरेशन चलाया और सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। उन्हें जो वीर चक्र से नवाजा गया, उसके सैन्य उद्धरण में कहा गया है, 'उन्होंने जटिल और घने हवाई सुरक्षा घेरे को पार करते हुए असाधारण साहस, तेज निर्णय क्षमता और रणनीतिक कौशल दिखाया। उनकी अगुवाई में स्क्वाड्रन ने वायुसेना की आक्रामक स्थिति को और मजबूत किया।'
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बहावलपुर में मिसाइल का इम्पैक्ट
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ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्य
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स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक- दुश्मन के बीच तूफान
स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक ने अपने मिशन में अद्भुत हिम्मत दिखाई। उन्होंने हवा में तेजी से रणनीति बदली और दुश्मन को 'टैक्टिकल कैओस' यानी रणनीतिक अराजकता में धकेल दिया। उनकी कार्रवाइयों ने विरोधी ताकतों की जवाबी कार्रवाई की क्षमता को पंगु बना दिया।
ऑपरेशन सिंदूर और वीर चक्र सम्मान
ऑपरेशन सिंदूर को पहलगाम हमले के बाद लॉन्च किया गया था। पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्रों में आतंकी ढांचों और सैन्य ठिकानों पर की गई इन सटीक हवाई कार्रवाई में वायुसेना की निर्णायक भूमिका रही। इस मिशन में शामिल नौ पायलटों को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इनमें ग्रुप कैप्टन सिद्धू, मनीष अरोड़ा, अनीमेश पटानी, कुणाल कालरा और रिजवान मलिक शामिल हैं।
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ऑपरेशन सिंदूर की शौर्य गाथा
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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सम्मान
भारत सरकार ने 14 अगस्त को 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पुरस्कारों की सूची जारी की थी। इनमें चार कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र, 16 शौर्य चक्र, दो बार टू सेना मेडल (गैलेंट्री), 58 सेना मेडल (गैलेंट्री), छह नाओ सेना मेडल (गैलेंट्री), 26 वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) शामिल थे। इसके अलावा सात सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, नौ उत्तम युद्ध सेवा पदक और 24 युद्ध सेवा पदक भी दिए गए।
पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और संघर्ष विराम
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।