मणिपुर में जलाऊ लकड़ी लेने गए दो लोगों की संदिग्ध उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को आंसू गैसे के गोले छोड़ने पड़े।
मणिपुर में सोमवार को जंगल से लकड़ी लेने गए दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हमले में चार अन्य लोग घायल हो गए, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। घटना से गुस्साए लोग दोनों शव लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया।
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जंगल में लकड़ी लेने गए लोगों पर हमला
अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिले की सीमा के पास हुई। खोंगबल सुनुरोक उयोका इलाके में कुछ लोग अपने गांव के पास की पहाड़ियों पर जलाऊ लकड़ी लेने गए थे। इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। यह जगह इंफाल पूर्व के नोंग्शुम गांव से कुछ ही मीटर की दूरी पर है। हमले में मारे गए लोगों की पहचान 35 वर्षीय अरुबम रोनिल और 51 वर्षीय लैरेनलाकपम इनओबी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि कुल 16 लोग सोमवार सुबह करीब 7 बजे लकड़ी लेने निकले थे। इसी दौरान उन पर हमला हुआ। गोलीबारी में चार लोग घायल हो गए, जबकि तीन का अब तक पता नहीं चल पाया है।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला। लोग दोनों के शव लेकर राज्य की राजधानी इंफाल पहुंचे और बाबूपाड़ा इलाके में मुख्यमंत्री आवास के मुख्य गेट के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मई 2023 से राज्य में जारी हिंसा पर नाराजगी जताई और लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
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पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले छोड़े। इसके बाद दोनों शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में के. देवेन की हालत गंभीर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी की जानकारी नहीं
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह अपने आवास पर मौजूद थे या नहीं, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। मई 2023 से मणिपुर में जारी हिंसा के बीच इस ताजा हमले ने एक बार फिर लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।