मंगलवार को नगरोटा सैन्य मुख्यालय पर फिदायीन हमले के बाद पाकिस्तान के साथ भारत के संबंधों में एक बार फिर तनाव बढ़ सकता है। यह ताजा हमला पिछले दशकों से लगातार चल रहे भारत-पाक तनाव का नतीजा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि उड़ी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के आतंकवादी इस फिराक में घात लगाए बैठे थे कि कब उन्हें हमले का मौका मिले और वह इसे अंजाम दें।
नगरोटा हमले में भारत के 5 जवान और 2 मेजर शहीद हो चुके हैं। माना जा रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से ही पाक सरकार पर भारत के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव सेना ने बनाया हुआ था। पाक सेना प्रमुख राहील शरीफ ने मंगलवार को ही अपनी सेवानिवृत्ति पर दिए भाषण में भारत को खतरनाक परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। इस बीच आतंकवादियों ने नए सेना प्रमुख बाजवा द्वारा पदभार संभालने वाले दिन को ही एक साजिश के तहत हमले के लिए चुना। भारत-पाक संबंध विशेषज्ञ मानते हैं कि इस हमले के बाद भारत पर पाक को सबक सिखाने का दबाव बढ़ सकता है।
उड़ी हमले के बाद से ही भारत-पाक के बीच राष्ट्रवादी बयानों के चलते दुनिया के कई देश दोनों परमाणु संपन्न देशों के प्रति चिंतित हैं। इंडिया, पाकिस्तान एंड सीक्रेट जिहाद : द कवर्ट वार इन कश्मीर 1947-2004 के लेखक प्रवीण स्वामी ने कहा कि - ‘यह सब एक सामान्य बात है’। विश्लेषकों के मुताबिक उड़ी हमले के बाद जिस तरह से भारत सर्जिकल स्ट्राइक के लिए मजबूर हुआ था उसी तरह से नगरोटा हमला भी भारत को किसी बड़ी कार्रवाई के लिए प्रेरित कर सकता है।
लेकिन फिलहाल यह नहीं कहा जा सकता है कि भारत कैसी कार्रवाई करेगा, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्ववर्ती सरकारों के समान कोई फैसला नहीं ले रहे हैं। विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय फाउंडेशन में राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक नितिन ए. गोखले ने कहा कि - ‘एक बात तो तय है कि भारत कोई भी कार्रवाई पहले से बताकर नहीं करेगा।’
भारत-पाक के बीच वार्ता चाहता है अमेरिका
अमेरिका ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान आपसी सहयोग बढ़ाने और क्षेत्र में शांति के लिए बातचीत करें, ताकि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो और आतंकवाद के खतरे का मुकाबला किया जा सके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘हम सहयोग, संवाद व साझा खतरों के खिलाफ कोशिशें बढ़ाने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार बातचीत होते देखना चाहते हैं।’ उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ‘हमने क्षेत्र में आतंक के खतरे के बारे में बात की है। यह दोनों ओर सभी को प्रभावित करता है।’
मोदी समर्थन में उतरे पाक के सबसे बड़े बिल्डर
इस्लामाबाद। नगरोटा हमले के बाद भारत-पाक में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के सबसे अमीर शख्स और रियल एस्टेट कारोबारी मलिक रियाज ने नोटबंदी पर पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए पाक पीएम नवाज शरीफ को सलाह दी है कि वह भी इसे पाकिस्तान में लागू करें। मलिक रियाज ने कहा कि पाकिस्तान में भी भ्रष्टाचार अपनी जड़ें जमा चुका है, ऐसे में वह भी पाक में चल रहे 5000, 1000 और 500 के नोट बंद कर दें। उन्होंने यह बात अंग्रेजी अखबार ‘नॉर्थब्रिज टाइम्स’ को दिए एक साक्षात्कार में कही है।