14 अप्रैल को बांद्रा स्टेशन पर इकट्ठा हो गए थे प्रवासी मजदूर
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महाराष्ट्र कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे ज्यादा पीड़ित राज्य है। वहीं, मुंबई और पुणे में स्थिति भयावह होती जा रही है। मुंबई की झुग्गी बस्तियों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इससे प्रवासी मजदूरों को जहां डर लगने लगा है वहीं, अपने गांव-घर जाने की चिंता सताने लगी है। मुंबई भाजपा के महामंत्री अमरजीत मिश्र ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा है।
उन्होंने पत्र में निजी वाहनों और विशेष बस के माध्यम से यूपी के प्रवासियों को उनके गांव भिजवाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्य कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे ने भी केंद्र सरकार से प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजने का उपाय करने के लिए कहा है। सोमवार को शिवसेना के मुखपत्र में भी कहा गया है कि केंद्र अपनी इस जिम्मेदारी को निभाए।
सूरत में प्रवासियों के लिए सांसद बनवा रहे हैं कलेक्टर से विशेष पास
सूरत में रह रहे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए स्थानीय भाजपा सांसद आरसी पाटिल जिला कलेक्टर से प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष पास बनवा रहे हैं। इस पास के जरिए प्रवासी निजी वाहन और बसों के जरिए अपने गांव जा सकेंगे। अमरजीत मिश्र ने कहा कि इसी तरह मुंबई में भी रह रहे उन प्रवासी मजदूरों के लिए बसों की व्यवस्था की जाए जिनके यहां घर नहीं है।
महाराष्ट्र की ठाकरे सरकार ने जगह-जगह श्रमिक शिविर बनाए हैं जिसमें करीब साढ़े छह लाख प्रवासी मजदूर रह रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्यमंत्री राजेश टोपे का दावा है कि इन मजदूरों की काउंसिलिंग भी कराई जा रही है लेकिन महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव राजेश शर्मा कहते हैं कि प्रवासी मजदूर श्रमिक शिविरों की बजाए झोपड़ियों में ज्यादा हैं। वहीं, अमरजीत मिश्र कहते हैं कि यूपी-बिहार के लोग स्वाभिमानी होते हैं। वे मेहनत मजदूरी करके जी सकते हैं लेकिन किसी की मेहरबानी की चाहत नहीं रखते, इसलिए वे अपने गांव जाने के लिए उतावले हैं।