वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने मंगलवार को कहा कि स्वदेश में विकसित तेजस मार्क-1ए विमान 2025 से मिग-21 की जगह लेंगे। करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस मार्क-1ए विमान खरीदने का अनुबंध जल्द ही पूरा किया जाएगा। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ यह सौदा 2021 में 48,000 करोड़ रुपये से 83 तेजस खरीदने सौदे से अलग होगा।
वर्तमान में भारतीय वायु सेना के पास तीन मिग-21 स्क्वाड्रन हैं, जिनमें कुल लगभग 50 विमान हैं। इन्हें अगले साल तक चरणबद्ध तरीके से हटा दिया जाएगा। मिग-21 को 1960 के दशक की शुरुआत में शामिल किया गया था। भारतीय वायुसेना ने 870 से अधिक इन लड़ाकू विमानों की खरीद की थी। हालांकि, विमान का सुरक्षा रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है।
सम्मेलन में दो दिन तक विचार-विमर्श करेंगे कमांडर
एक रक्षा अधिकारी ने बताया कि सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आज पश्चिमी मोर्चे (पश्चिमी समूह) की देखभाल करने वाले तीनों सेनाओं के सैन्य कमांडरों के सम्मेलन की अध्यक्षता की। कमांडर दो दिनों तक विचार-विमर्श करेंगे और उभरती भू-राजनीतिक स्थिति और तीनों सेनाओं के बीच परिचालन के तालमेल के पहलुओं पर चर्चा करेंगे। सीडीएस थिएटर कमांड बनाने की दिशा में चर्चा के हिस्से के रूप में पिछले कुछ महीनों में उत्तरी थिएटर और समुद्री थिएटर के लिए इसी तरह की बैठकें आयोजित कर चुके हैं।
वायुसेना को लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट सौंपेगा एचएएल
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कल बेंगलुरू में भारतीय वायुसेना को पहला लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट सौंपेगा। इसमें दो सीटों वाला ट्रेनर वर्जन शामिल होगा। रक्षा राज्य मंत्री, भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी, एचएएल के अध्यक्ष सी. बी. अनंतकृष्णन इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।