फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra: विधानसभा में MIDC जमीन आवंटन पर हंगामा, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप; सरकार ने दिया जांच का भरोसा

Wed, 11 Mar 2026 04:42 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में 4,000 एकड़ जमीन आवंटन में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सरकार ने एसआईटी जांच की बात कही हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि हर हाल में किसानों और आदिवासियों के हितों की रक्षा की जाएगी।

विज्ञापन
विजय वडेट्टीवार - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र विधानसभा में जमीन आवंटन के मुद्दे पर जमकर बहस हुई। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने अहिल्यानगर में एमआईडीसी की जमीन को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 4,000 एकड़ जमीन निजी और कॉर्पोरेट कंपनियों को सौंपी जा रही है। वडेट्टीवार के अनुसार, यह कीमती जमीन बहुत ही कम दामों पर ट्रांसफर की गई है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया में जरूरी सरकारी नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। इस वजह से स्थानीय किसानों के बीच भारी चिंता और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। 
विज्ञापन


इन आरोपों पर सरकार की तरफ से राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जवाब दिया। उन्होंने सदन को बताया कि सरकार इन मुद्दों से अच्छी तरह वाकिफ है। मंत्री ने स्वीकार किया कि जमीन के म्यूटेशन और ट्रांसफर की प्रक्रिया में कुछ खामियां और गलतियां हुई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार इस मामले की गहराई से जांच कराएगी। बावनकुले ने घोषणा की कि इस पूरे लेनदेन की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन होगा। यह टीम तलाठी से लेकर वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों तक, हर स्तर पर जवाबदेही तय करेगी।

ये भी पढ़ें: केरल में दौरे पर PM मोदी: राहुल को बताया कांग्रेस के राजकुमार, कहा- पश्चिम एशिया संकट पर सियासत कर रहा विपक्ष
विज्ञापन


मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार एमआईडीसी की जमीन का किसी भी तरह का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड के तहत आदिवासियों की जमीन सुरक्षित रहेगी। अगर किसी पुराने आदेश से इन सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो सरकार उस आदेश की फिर से समीक्षा करेगी। आदिवासियों की जमीन को अलग होने से रोकने के लिए सरकार कानूनी विशेषज्ञों की मदद भी लेगी।
विज्ञापन


सदन में चर्चा के दौरान सदस्यों ने बड़े पैमाने पर हो रहे जमीन ट्रांसफर और वित्तीय लेनदेन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि खेती की जमीन पर बायोएनर्जी और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनियां कब्जा कर रही हैं। चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि औद्योगिक विकास और किसानों के अधिकारों के बीच सही संतुलन होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि जमीन आवंटन में पारदर्शिता बहुत जरूरी है। एमआईडीसी की जमीन का लाभ राज्य और किसानों को मिलना चाहिए, न कि केवल निजी हितों को। इस मामले को अब आगे की जांच के लिए कैबिनेट की उप-समिति के पास भी भेजा जाएगा।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें