केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अब तक 3,805.67 करोड़ रुपये की सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार के लिए संसाधनों को जुटाने के लिए राज्यों को सुविधा प्रदान करने के लिए 2019-20 में नाबार्ड के तहत स्थापित 5,000 करोड़ रुपये के माइक्रो इरीगेशन फंड (एमआईएफ) की स्थापना की थी।
तोमर ने एक वेबिनार में कहा, केंद्र सरकार ने 5 वर्षों में सूक्ष्म सिंचाई के अंतर्गत 100 लाख हेक्टेयर भूमि कवर करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम अपनाने से 11 लाख किसानों को लाभ हुआ है। माइक्रो इरिगेशन फंड कॉर्पस की स्टियरिंग कमेटी व नाबार्ड ने राज्यों में 3,805.67 करोड़ रुपये ऋण की परियोजनाओं को मंजूरी दी हैं, जिनका क्षेत्र कवरेज 12.53 लाख हेक्टेयर है।
केंद्र ने 100 हेक्टेयर के लक्ष्य के हासिल करने के लिए संबंधित मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों की कार्यान्वयन एजेंसियों, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के संयंत्र बनाने वाली निर्माता कंपनियों, आपूर्तिकर्ताओं के साथ मिलकर एक मुश्त कार्ययोजना बनाकर काम करने का फैसला किया है। इससे किसानों को फायदा भूजल की बचत और इस मदद से सूक्ष्म सिंचाई का कवरेज और अधिक बढ़ेगा।
केंद्र सरकार का जोर सिंचाई की आधुनिक तकनीकों के प्रयोग के साथ कृषि की उत्पादकता को बढ़ाना और उत्पादन लागत को कम करना है इसके लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्ट्म के अलावा कृषि भूमि का स्वाइल हेल्थकार्ड बनाने की योजना को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।