कर्नाटक और गोवा के बीच कई वर्षों से नदी के पानी के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। गोवा अक्सर कर्नाटक पर समझौतों की अनदेखी करके इस मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाता रहा है।
गोवा में विभिन्न संगठनों ने पड़ोसी राज्य कर्नाटक द्वारा महादयी नदी के पानी के कथित डायवर्जन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। 'महादयी बचाओ गोवा मोर्चा' के तत्वावधान में गैर सरकारी संगठनों ने लोगों से अपील की कि वह रविवार की शाम साढ़े सात बजे दीये जलाएं। सामाजिक कार्यकर्ता प्रजल सखरदंडे ने कहा कि इस मुद्दे पर तटीय राज्य में नुक्कड़ सभाओं सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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कर्नाटक और गोवा के बीच कई वर्षों से नदी के पानी के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। गोवा अक्सर कर्नाटक पर समझौतों की अनदेखी करके इस मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाता रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता हृदयनाथ शिरोडकर ने कहा कि सभी 40 विधायकों को भी दीये जलाकर इस प्रदर्शन में भाग लेना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि राज्य के जल संसाधन विभाग के मंत्री सुभाष शिरोडकर ने कथित तौर पर दीये जलाने की इच्छा जताई है।
पर्यावरण कार्यकर्ता अभिजीत प्रभुदेसाई ने आरोप लगाया कि महादयी नदी के पानी को कोयला और बिजली संयंत्रों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और कर्नाटक सरकार पूरे बेल्लारी बेल्ट को बिजली और इस्पात संयंत्र गलियारे में बदलना चाहती है। गोवा विधानसभा समिति के अध्यक्ष सुभाष शिरोडकर ने बुधवार को हुई शुरुआती बैठक में कहा कि आने वाले 15-20 दिनों में बड़े फैसले लिए जाएंगे।