नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई राज्यों में शुक्रवार को भी विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल और कर्नाटक से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। पश्चिम बंगाल, पंजाब और बिहार समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह अपने राज्यों में एनआरसी को लागू नहीं होने देंगे।
नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, भारत की नागरिकता जन्मतिथि या जन्म स्थान या दोनों से संबंधित दस्तावेज देकर साबित की जा सकती है। एक ऐसी सूची बनाई जाएगी जिसमें ढेर सारे आम दस्तावेज होंगे, ताकि कोई परेशान न हो, यह सभी के लिए सुविधाजनक होगा।
प्रवक्ता ने कहा, भारतीय नागरिकों को 1971 से पहले का अपने माता-पिता/दादा-दादी के पहचान पत्र, जन्म प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेजों को पेश कर अपनी वंशावली को साबित नहीं करना होगा।
उन्होंने कहा, निरक्षर नागरिकों, जिनके पास कोई दस्तावेज नहीं है, अधिकारी उन्हें अपने समर्थन में गवाही या समुदाय के सदस्यों द्वारा समर्थित सबूतों को पेश करने की अनुमति दे सकते हैं। इसके लिए अच्छी तरह से तैयार की गई प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।