फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमले के बाद गरमाई सियासत: गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, भाजपा ने CM ममता को घेरा

Sun, 11 Jan 2026 04:42 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के मामले में सिसायत तेज हो गई है। ऐसे में अब गृह मंत्रालय ने भी उनके कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है। दूसरी ओर अब भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी ममता सरकार पर निशाना साधा है। 

विज्ञापन
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा सांसद शुभेंदु अधिकारी - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा सांसद शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के मामले में चर्चा तेजी होती जा रही है। भाजपा की ओर से पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी पर खूब आरोप भी लगाए जा रहे हैं। इसी बीच अब अधिकारी के काफिले पर कथित हमले के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने उनके कार्यालय से रिपोर्ट मांगी है। यह जानकारी रविवार को एक भाजपा नेता ने दी।

विज्ञापन


भाजपा के नेता के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी का कार्यालय घटना की पूरी जानकारी और वीडियो फुटेज तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। भाजपा नेता ने बताया कि गृह मंत्रालय ने अधिकारी पर हुए हमले की घटना के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। नेता प्रतिपक्ष का कार्यालय इसे तैयार कर रहा है और इसे जल्द ही मंत्रालय को भेज दिया जाएगा।

रवि शंकर प्रसाद ने सीएम ममता को घेरा
दूसरी ओर अब इस मामले में भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कल बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मौजूद होने के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस दौरान रवि शंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी जब आई-पैक कार्यालय गई थीं, तो उन्होंने दावा किया कि वह मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि टीएमसी अध्यक्ष के रूप में गई थीं। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन: PM मोदी बोले- भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर, पूरी दुनिया की बढ़ीं उम्मीदें

भाजपा सांसद ने पूछे तीखे सवाल
भाजपा सांसद ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री होने के नाते किस मजबूरी में वह किसी निजी संपत्ति पर गईं और वहां से ग्रीन फाइल लेकर भाग गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस आयुक्त और DGP भी वहां मौजूद थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ममता बनर्जी के अवैध और असंवैधानिक कामों में मदद कर रही है।सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी, आप क्या छुपा रही हैं? ऐसा क्या था जो छुपाने की जरूरत थी?

अधिकारी बोले- ममता हटाओ, बंगाल बचाओ
इसी बीच पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं, बल्कि जनता की रैली है। अधिकारी ने दावा किया कि लोग चाहते हैं कि ममता बनर्जी, राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा को जेल भेजा जाए।

शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) पर हमला किया, कानून तोड़ा और संविधान का उल्लंघन किया। उन्होंने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रैली में लोग ‘फाइल चोर ममता’ के नारे लगा रहे हैं और सड़कों पर उतरकर कह रहे हैं— ‘ममता हटाओ, बंगाल बचाओ’ और ‘बीजेपी लाओ, बंगाल बचाओ’।

हमले को लेकर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी
अपने ऊपर हुए कथित हमले को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वे सही रास्ते पर हैं और उनका काम ठीक चल रहा है, इसी वजह से ममता बनर्जी, उनकी पुलिस और उनके समर्थक उनकी जान पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं डरने वाला नहीं हूं, मैं लड़ता रहूंगा। हमने अंग्रेजों को भगाया, सीपीआई(एम) को भगाया और अब ममता बनर्जी को भी सत्ता से बाहर करेंगे।

ये भी पढ़ें:- कपसाड़ हत्या और अपहरण: एसीजेएम की कोर्ट में हुए रूबी के बयान, पुलिस ने चुपचाप पेश किया, किसी को नहीं लगी भनक

क्या है पूरा मामला, समझिए
अब अगर इस पूरे घटनाक्रम की बात करें तो, शनिवार को भाजपा सांसद और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) पर उनके साथ बेरहमी के साथ मारपीट करने का आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा पुरुलिया से लौटते समय टीएमसी के गुंडो ने उनपर बेरहमी से हमला किया। इस हमले के बाद अधिकारी चंद्रकोना पुलिस स्टेशन में धरना पर भी बैठ गए थे। सोशल मीडिया प्लटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में अधिकारी ने आगे कहा था कि टीएमसी जनता के गुस्से और अपनी असहाय स्थिति के कारण इस तरह की गुंडागर्दी कर रही है।

विज्ञापन


अधिकारी ने धरने के दौरान तत्काल कार्रवाई और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही कहा कि वह पुलिस की कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक धरने से नहीं उठेंगे। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे कानून-व्यवस्था की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवाज उठाएं।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें