केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को देश भर के जेल अधिकारियों को स्वैच्छिक आधार पर जेल में कैदियों से मिलने आने वाले सभी लोगों का आधार प्रमाणीकरण करने की अनुमति दे दी।
मंत्रालय ने जेल के कैदियों के आगंतुकों की पृष्ठभूमि को सत्यापित करने के लिए इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की। यह अधिसूचना सुशासन के लिए आधार प्रमाणीकरण (समाज कल्याण, नवाचार, ज्ञान) नियम, 2020 के नियम 5 के तहत जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि जेल के कैदियों के आगंतुकों को प्रमाणित करने के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार प्रमाणीकरण का प्रदर्शन हां/नहीं प्रमाणीकरण सुविधा का इस्तेमाल करके किया जा सकता है।
अधिसूचना में कहा गया है कि यह सूचित किया जाता है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जेल विभाग को जेल के कैदियों से मिलने आने वाले लोगों का आधार सत्यापन करने की अनुमति है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जेल विभाग को 18 साल से कम उम्र के व्यक्तियों के प्रमाणीकरण के संबंध में आधार अधिनियम की धारा 3ए और 8 के प्रावधानों का पालन करना होगा।
इसमें कहा गया है, 'यह भी सलाह दी जाती है कि अधिनियम के सभी प्रासंगिक प्रावधानों, इसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा।'