महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
शिवसेना प्रवक्ता व सांसद संजय राउत ने ट्वीट कर कहा कि उद्धव ठाकरे की पीएम मोदी से सदिच्छा भेंट होगी और बाकी विवरण की गहराई से खुदाई की जरूरत नहीं है। शिवसेना और भाजपा गठबंधन टूटने के बाद पीएम मोदी से उद्धव की मुलाकात पहली बार पुणे में उस समय हुई थी जब प्रधानमंत्री पुलिस महानिदेशक परिषद को संबोधित करने पहुंचे थे।
उस समय प्रोटोकॉल और शिष्टाचार के तहत उद्धव ठाकरे ने एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया था और फिर मुंबई लौट आए थे। लेकिन उसके बाद दोनों के बीच कोई अधिकारिक बातचीत नहीं हुई। आमतौर पर किसी राज्य में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अगले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री से मुलाकात करता है और उनके समक्ष राज्य की समस्याओं पर चर्चा करता है।
उद्धव ठाकरे ने भी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद व्यंग्यात्मक लहजे में कहा था कि वह जल्द ही बड़े भाई नरेंद्र मोदी से मिलने जाएंगे क्योंकि वे मुझे छोटा भाई मानते हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में उद्धव ठाकरे राज्य के किसानों की कर्जमाफी सहित राज्य की विभिन्न परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से मदत मांग सकते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से अहम है मोदी से ठाकरे की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम है। महाराष्ट्र की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना में रस्साकशी के बाद अचानक शरद पवार के भतीजे अजीत पवार ने पाला बदल दिया था और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली थी।
लेकिन इसके 80 घंटे बाद ही उन्होंने यूटर्न ले लिया था और फिर एनसीपी चीफ शरद पवार के खेमे में चले गए थे। उसके बाद राज्य में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की महाविकास आघाड़ी गठबंधन की सरकार बनी। उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने और अजीत पवार फिर से उपमुख्यमंत्री बनाए गए।
सोनिया और राहुल से भी मिल सकते हैं उद्धव
चर्चा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने दिल्ली दौरे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं। बता दें कि उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में सोनिया और राहुल उपस्थित नहीं हो सके थे। लेकिन शपथ ग्रहण के बाद सोनिया गांधी ने ठाकरे को पत्र भेजकर शुभकामनाएं दी थीं।