विदेश से लौटने के बाद यौन शोषण के आरोपों पर भले ही विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने मीडिया में सफाई दे दी है, मगर उनकी कुर्सी अभी भी मुश्किल में है। सत्ता के गलियारों में कानाफूसी चल रही है कि भाजपा नेतृत्व उन्हें नैतिकता के आधार पर खुद ही पद छोड़ने की घोषणा करने का निर्देश दे सकता है।
हालांकि, पार्टी और सरकार में एक बड़ा वर्ग यह मानता है कि चूंकि सारे आरोप एमजे अकबर के मंत्री बनने से पहले के हैं, ऐसे में उनके इस्तीफे से पार्टी और सरकार की छवि को कोई नुकसान नहीं पहुंचने वाला है।